Tuesday , December 12 2017

बाबरी मस्जिद विवाद को दोनों पक्ष बैठकर आपसी सहमति से सुलझाएं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विवाद पर मंगलवार को अहम टिपप्णी की है। कोर्ट ने कहा है कि यह एक संवेदनशील मामला है इसलिए इस मसले को आपसी सहमति से हल करना बेहतर होगा।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जे.एस. खेहर ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा, “ये धर्म और आस्था से जुड़ा मामला है। दोनों पक्ष आपस में बैठें और सुलझाएं।” इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए अगले शुक्रवार यानी 31 मार्च तक का समय दिया।

हालांकि अदालत ने साफ किया कि अगर दोनों पक्ष मिल बैठकर बात करें तो कोर्ट उसमें मध्यस्थता कर सकता है। मुख्य न्यायधीश ने कहा कि अगर दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हों तो किसी जज को मध्यस्थता का जिम्मा दे सकते हैं। मैं खुद भी इस काम के लिए तैयार हूं।

बता दें कि भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की है।

गौरतलब है कि साल 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद को अतिवादियों ने गिरा दिया था। उसके बाद साल 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ पीठ ने बहुमत से यह फैसला दिया था कि जिस जगह पर राम की मूर्ति स्थापित है वह वहीं पर विराजमान रहेगी और बाकी की बची जमीन को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा। कोर्ट ने इसमें से एक हिस्सा सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने का फैसला सुनाया था।

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