भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोपी मिलिंद एकबोटे को सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया

भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोपी मिलिंद एकबोटे को सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हिंसा की घटना के मुख्य आरोपी मिलिन्द एकबोटे को गिरफ्तारी से अंतिरम संरक्षण प्रदान कर दिया है। भीमा-कोरेगांव में एक जनवरी को हुई इस हिंसा में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गयी थी।

जस्टिस कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली बेंच ने एकबोटे को इस मामले में 20 फरवरी तक गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया है। पीठ ने एकबोटे की अंतिरम जमानत की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगने के साथ ही उसे राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में अवगत कराने का भी निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि एकबोटे को गिरफ्तार करने की स्थिति में उन्हें एक लाख रुपये का मुचलका देने पर रिहा किया जायेगा। महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार पुणे की एक अदालत ने दक्षिणपंथी नेता एकबोटे के खिलाफ मंगलवार को ही गिरफ्तारी का वॉरंट जारी किया था।

एकबोटे के खिलाफ एक जनवरी को भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक आयोजन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने दो फरवरी को एकबोटे की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी। इससे पहले, पुणे की अदालत ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

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