Tuesday , December 12 2017

तीन तलाक पर कानून लाने को तैयार है मोदी सरकार, सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने दी जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने तीसरे दिन बहुविवाह, निकाह हलाला और तीन तलाक़ के मुद्दों पर एक साथ सुनवाई करने से इंकार कर दिया है।

कोर्ट का कहना है कि वक़्त के कमी के कारण अभी हम सिर्फ तीन तलाक पर ही कार्रवाई करेंगे। बाकी के मुद्दों पर भविष्य में सुनवाई होगी।

केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए अटॉर्नी जरनल मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, निकाह हलाला और बहूविवाह को रद्द कर देता है तो केंद्र सरकार तीन तलाक पर कानून बनाने को तैयार है।

बता दें कि केंद्र का कहना है कि ट्रिपल तलाक़ के मुद्दे को हम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि ये मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है और इससे उनकी जिंदगी बर्बाद होती है।

वहीँ, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील कपिल सिब्‍बल ने कहा कि तीन तलाक का मामला मुस्लिम बोर्ड के अंतर्गत आता है और इसलिए उनकी राय में सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में दखलंदाज़ी नहीं करनी चाहिए।

 

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