सुप्रीम कोर्ट ने कहा हदीया को अपनी पसंद पर पूरा अधिकार है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा हदीया को अपनी पसंद पर पूरा अधिकार है

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केरल हाई कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए करते हुए हदीया और शफीन जहां के बीच हुई अंतरधर्म विवाह को बहाल कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हादिया को ‘अपनी पसंद पर पूरा अधिकार’ है।

अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति के अर्थपूर्ण अस्तित्व के लिए किसी व्यक्ति के धार्मिक विचार अंतर्निहित हैं। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने दो अलग-अलग लेकिन एक ही मत वाले फैसले में कहा कि कानून के अनुसार पसंद जाहिर करना किसी की व्यक्तिगत पहचान को स्वीकारना है।

गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने आठ मार्च को हाई कोर्ट का फैसला खारिज कर दिया था जहां और हादिया की शादी अमान्य घोषित की गई थी।

Top Stories