Tuesday , December 12 2017

मोदी सरकार को नींद से जगाने के लिए मर चुके किसानों की खोपड़ी गले में लटकाकर किया प्रदर्शन

मौजूदा समय में देश के अन्न दाता कहे जाने वाले किसान की हालत दिन-ब-दिन बदहाल होती चली जा रही है। बीते साल साल सूखे की चपेट में आए बारह राज्यों के किसान अभी ठीक से संभल भी नहीं पाए थे कि पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले ने उनकी ज़िन्दगी में भूचाल ला दिया है। इस बीच तमिलनाडु में किसानों की स्थिति बदतर हो चली है और राज्य में किसानों की आत्महत्या के मामलों में इजाफा हो गया है।

लेकिन सरकार चुनावी जुमले और विकासवादी वादे करने में व्यस्त है इसलिए तमिलनाडु के किसान अपनी बेबस आवाज़ सरकार के कानो तक पहुँचाने के लिए राजधानी दिल्ली में आकर प्रदर्शन कर रहें हैं।

प्रदर्शन कर रहे किसान सरकार को नींद से जगाने और अपनी बदहाल स्थिति की तरफ ध्यान खींचने के लिए हाथ में कटोरा और गले में मरे हुए किसानों की खोपड़ी टाँगे हुए हैं। इसकी तस्वीर कांग्रेस की नेशनल सेकेट्री राधिका खेरा ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर की है।

बता दें कि बीते कुछ दिनों से तमिलनाडु में किसानों के आत्महत्या के आकड़ों में बढ़ोतरी हो रही है। आए दिन यहाँ कोई न कोई किसान मौत को गले लगा रहा है। कहीं कोई सूखे के कारण धान की फसल खराब होने और कर्ज नहीं चुका पाने से परेशान है तो कहीं कृषि रिण चुकाने के लिए सरकारी बैंक के अधिकारियों दबाव से।

गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो ने चौकाने वाले आंकडे प्रस्तुत किए थे जिसके मुताबिक़ फसल का उचित दाम न मिल पाने और बढ़ते कर्ज के भार की वजह से किसान आत्महत्याओं में 2014 के मुकाबले 2015 में लगभग 42 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है ।

 

 

 

 

 

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