मेवात के बाद देश के पिछड़े जिलों में तेलंगाना का आसिफाबाद जिला सबसे पिछड़ा

मेवात के बाद देश के पिछड़े जिलों में तेलंगाना का आसिफाबाद जिला सबसे पिछड़ा

नीति आयोग के अनुसार देश के 101 संभावना वाले (या पिछड़े) जिलों में हरियाणा का मेवात सबसे पिछड़ा है जबकि इसके बाद तेलंगाना का आसिफाबाद जिला है। अन्य पिछड़े जिलों में मध्य प्रदेश का सिंगरौली, नगालैंड का किफिरे और उत्तर प्रदेश का श्रावस्ती सबसे पिछड़े जिलों में शामिल हैं। नीति आयोग ने जिन 115 संभावना वाले जिलों की पहचान की है, उनमें से 101 के आंकड़े राज्य सरकारों से मिल गए हैं और इनकी पहली रैंकिंग बुधवार को राजधानी दिल्ली में जारी की गई।

आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने यह रैंकिंग जारी करते हुए कहा कि रैंकिंग का उद्देश्य किसी जिले को नीचा और किसी अन्य को बेहतर बताना नहीं है। इसका उद्देश्य इन जिलों में आपसी प्रतिस्पर्द्धा पैदाकर विकास के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे राज्य सरकारों, स्थानीय सांसदों तथा जिलाधीशों को यह पता चल सकेगा कि किन जिलों में ज्यादा काम करने की जरूरत है।

श्रीकांत ने कहा कि हर जिले को 49 संकेतकों जैसे टीकाकरण, बीच में पढ़ाई छोड़ना, शिशु मृत्यु दर आदि पर अंक दिए गए हैं। हर जिले को यह पता होगा कि वे इन संकेतकों पर अपने ही राज्य तथा देश के सर्वश्रेष्ठ जिलों की तुलना में कहां ठहरते हैं और किन संकेतकों पर ज्यादा काम करने की आवश्यकता है।

आज से यह रैंकिंग ऑनलाइन उपलब्ध हो गई है तथा रियल टाइम डाटा के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को नीति आयोग नई सूची जारी करेगा। अभी 101 जिलों की रैंकिंग उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि मई से इन जिलों की रैंकिंग उनके द्वारा की गई प्रगति के आधार पर की जाएगी। सीईओ ने बताया कि इन जिलों के पिछड़ेपन का कारण पैसे की नहीं प्रशासन की कमी है। इन जिलों के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर 115 प्रभारी अधिकारी बनाए गए हैं जो अतिरिक्त सचिव या संयुक्त सचिव के स्तर के होंगे।

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