Sunday , September 23 2018

त्रिपुरा में भाजपा के लिए नई मुश्किल, आदिवासी CM की मांग जोरो पर

त्रिपुरा में भारी जीत का जश्न मना रही बीजेपी के बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है. गठबंधन के उसके साथी दल IPFT ने राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर दी है. ऐसे में जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बि‍प्लब देब का सीएम बनना तय माना जा रहा है, यह भारी जीत हासिल कर चुके गठबंधन के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, बिप्लब देब रविवार को अगरतला के अपने विधानसभा क्षेत्र बनमालीपुर में पत्नी और हजारों समर्थकों के साथ एक विजय जुलूस लेकर निकले थे. इसी बीच इंडिजीनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) के अध्यक्ष एन.सी. देबबर्मा ने प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में आदिवासी सीएम बनाने की मांग कर दी. उनके इस बैठक के बारे में बीजेपी नेताओं को कोई जानकारी नहीं थी.

देबबर्मा ने कहा, ‘चुनाव के नतीजों में बीजेपी और आईपीएफटी गठबंधन  भारी बहुमत मिला है. लेकिन यह आदिवासी वोटों के बिना संभव नहीं हो पाता. हम आरक्ष‍ित एसटी विधानसभा क्षेत्रों में जीत की वजह से ही यह चुनाव जीत पाए हैं. आदिवासी वोटों की भावना को ध्यान में रखते हुए, यह उचित होगा कि सदन का मुखिया एसटी क्षेत्र के ही किसी विधायक को बनाया जाए. स्वाभाविक है कि जो विधानसभा का लीडर होगा, वही मुख्यमंत्री होगा.’

बिप्लब देब के बारे में पूछे जाने पर आईपीएफटी के नेता ने कहा, ‘मैं बिप्लब देब के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता.’ किस नेता को सीएम बनाया जाए इस सवाल पर देबबर्मा ने कहा कि इसके बारे में चर्चा के बाद ही कुछ तय किया जा सकता है.

बीजेपी के त्रिपुरा प्रभारी सुनील देवधर ने कहा कि उन्हें देबबर्मा के बयान की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने अपना विचार दिया है. हम सोमवार सुबह को आईपीएफटी नेताओं से मिलेंगे और इसके बाद ही इस पर कुछ विचार किया जा सकता है.’

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