Friday , December 15 2017

ट्रम्प के फैसले ने अमेरिका के लिए जहन्नुम के दरवाजे खोल दिए: हमास

File - In this Monday, Dec. 14, 2015 file photo, Hamas leader Ismail Haniyeh, waves to supporters during a rally to commemorate the 28th anniversary of the Hamas in Gaza City. Hamas has drafted a new political program that it hopes will improve ties with neighboring Egypt and the West and present a more moderate image that will help it get off Western terrorism lists. The internationally isolated group, which has ruled the Gaza Strip for the past decade, characterizes itself in the manifesto as a Palestinian resistance movement against Israeli occupation, dropping references to holy war against Jews. It also raises the possibility of a Palestinian state in the West Bank, Gaza Strip and east Jerusalem, lands Israel captured in 1967. (AP Photo/Adel Hana, File)

फिलिस्तीनी इस्लामी आन्दोलन ‘हमास’ ने अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से यरूशलेम को इजराइल की राजधानी के रूप में क़रार देने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है। जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, फिलीस्तीनी इस्लामिक मूवमेंट द्वारा कब्जा कर लिया गया था। हमास ने चेताया कि डोनाल्ड ट्रम्प के कदम ने अमेरिकी हितों के खिलाफ जहन्नुम के दरवाज़े खोल दिए है।

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हमास के मुख्य नेता इस्माइल रिजवान ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले के बाद इस क्षेत्र में अमेरिकी हित अब दाव पर लग चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यरूशलेम को यहूदी राज्य की राजधानी के रूप में स्वीकार करके तबाही का एक नया दरवाज़ा खोल दिया है।

उन्होंने अरब और मुस्लिम देशों पर जोर दिया है कि वह इजराइल के साथ आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को खत्म कर दें, और अपने देशों से अमेरिकी राजदूतों को निकाल बाहर करें।

गौरतलब है कि संगठन आज़ादी फिलिस्तीन के जनरल सेक्रेटरी सायब अरीकात ने अमेरिकी राष्ट्रपति के क़दम की निंदा की है। वे कहते हैं कि ट्रम्प के फैसले ने फिलिस्तीन विवाद के दो राज्यिक समाधान के सभी संभावनाओं को नष्ट कर दिया है।

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