अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराक़ युद्ध के दौरान 17 निर्दोष नागरिकों की हत्या के दोषियों को माफी दी!

, , , ,

   

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराक युद्ध के दौरान 17 निर्दोष नागरिकों की हत्या के दोषियों को माफी दे दी है।

ADVERTISEMENT

अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, ये दोषी प्राइवेट मिलिट्री कंपनी ब्लैकवाटर के चार गॉर्ड थे, जो कि फिलहाल जेल में सजा काट रहे थे।

बता दें कि अमेरिका ने इराक युद्ध के दौरान भाड़े के सैनिकों का इस्तेमाल किया था।

ये इस तरह का पहला मामला था कि युद्ध के दौरान सैनिकों को भाड़े पर लिया गया हो।

इराक युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने ब्लैकवाटर नाम की प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया था।

ADVERTISEMENT

हालांकि इसमें ज्यादातर रिटायर्ड अमेरिकी सैनिक थे। इन सैनिकों का काम युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना को हर संभव सहयोग देना था।

युद्ध के दौरान भाड़े के सैनिकों का इस्तेमाल और उनके द्वारा निर्दोष नागरिकों के कत्लेआम की घटना का दुनियाभर में काफी विरोध हुआ था।

इराक युद्ध के दौरान ब्लैकवाटर के सैनिकों के पास पॉल स्लॉग, इवेन लिवर्टी, डस्टिन हर्ड और निकोलस स्लाटर मशीन गन, ग्रेनेड लॉन्चर जैसे हथियार और स्नाइपर से लैस एक बख्तरबंद काफिला था।

इस काफिले ने राजधानी बगदाद में निसौर चौर पर निहत्थे और निर्दोष लोगों पर गोलियां बरसाईं थीं। इस घटना में दो बच्चों समेत 17 लोगों की मौत हो गई थी।

इस घटना को लेकर ब्लैकवाटर के वकील ने दलील दी कि उन्होंने विद्रोहियों के आत्मघाती हमले से बचने के लिए गोलियां चलाई थीं।

वियतमान युद्ध में भी अमेरिकी सेना ने निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाई थीं। 2014 में इन चारों पर आरोप सिद्ध हुआ और चारों को 30-30 साल की सजा सुनाई गई। इस हत्याकांड के बाद ब्लैकवाटर को फिर इराक में ठेका नहीं मिला।

ADVERTISEMENT