Thursday , December 14 2017

नोएडा : रियल स्टेट कंपनी आम्रपाली के सीईओ और डायरेक्टर गिरफ़्तार

नोएडा में सोमवार को पुलिस ने आम्रपाली बिल्डर्स पर बड़ी कार्रवाई की है । पुलिस ने आम्रपाली बिल्डर्स के सीईओ (CEO) रितिक कुमार को गिरफ्तार किया। कंपनी के सीईओ के अलावा आम्रपाली के मैनेजिंग डॉयरेक्टर (एमडी) निशांत मुकुल को भी गिरफ्तार किया गया है।

ऋतिक कुमार आम्रपाली ग्रुप के मालिक अनिल शर्मा के दामाद हैं। रितिक कुमार और निशांत मुकुल को मजदूरों की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया है. लेबर वेलफेयर सेस का करीब 4 करोड़ 29 लाख रुपये जमा नहीं कराने पर यह कार्रवाई की गई है.

अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को कई बार तहसीलदार की तरफ से नोटिस जारी किए गए, लेकिन बिल्डर की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. डिप्टी लेबर की तरफ से भी कई नोटिस भेजे गए, लेकिन जब लेबर वेलफेयर सेस जमा नहीं कराया गया जिसके बाद एसडीएम ने यह कार्रवाई की है.

आम्रपाली ग्रुप ने एक प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, लेकिन उसने वेलफेयर सेस का पैसा जमा नहीं किया. यह रकम बढ़ते-बढ़ते 4 करोड़ 29 तक पहुंच गई. रुपये जमा नहीं कराने पर कंपनी को नोटिस जारी किया गया था.

नोटिस का जवाब न मिलने पर नियमानुसार रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी की गई थी. लेकिन, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी रकम नहीं जमा कराने पर सीईओ नीतीश कुमार सिन्हा और कंपनी के डायरेक्टर निशांत मुकुंद को गिरफ्तार कर लिया गया.

एसडीएम ने बताया कि लेबर रेवन्यू एक्ट 171 के तहत नियम के अनुसार 100 मीटर से अधिक भूमि पर निर्माण करने के एवज में किसी भी व्यक्ति या कंपनी को अनुमानित लागत का एक प्रतिशत रकम लेबर वेलफेयर सेस के रूप में डिप्टी लेबर कमिश्नर के ऑफिस में जमा कराना होता है. इस रकम को श्रमिकों के कल्याण के लिए बनाई गई शासन योजना पर खर्च किया जाता है. अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से एक मैसेज जाएगा और जिस बिल्डर का भी सेस का बकाया होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रियल एस्टेट बिल्डर्स को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि बायर्स को जल्द फ्लैट नहीं देते तो बिल्डरों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा।

 

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डरों के खिलाफ लोगों का विरोध प्रदर्शन भी लगातार जारी है । सैकड़ों की संख्या में एकत्र होकर लोग बिल्डरों के ऑफिस के सामने नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे हैं।

नई सरकार बनने के बाद बिल्डरों और ग्राहकों की कई दौर की बैठक हुई है, लेकिन बायर्स का कहना है कि बिल्डरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। आम्रपाली बिल्डर्स के प्रोजेक्टों में लगभग 40 हजार फ्लैट खरीददारों के पैसे फंसे हैं और ग्रुप के सभी प्रोजक्ट लगभग ठप पड़े हैं ।

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