कश्मीर की वादी में हमेशा याद किए जाएंगे शहीद लेफ्टिनेंट, सेना ने स्कूल का नाम बदलकर उमर फयाज़ रखा

कश्मीर की वादी में हमेशा याद किए जाएंगे शहीद लेफ्टिनेंट, सेना ने स्कूल का नाम बदलकर उमर फयाज़ रखा

22 साल की उम्र में शहीद हुए लेफ्टिनेंट उमर फयाज़ को उनकी वादी कश्मीर हमेशा याद रखेगी। जवानी की दहलीज़ पर उमर आतंकियों की कायराना हरकत के शिकार हो गए लेकिन उनकी शहादत ज़ाया नहीं जाएगी। उम्मीद जगाएगी।

शहीद उमर फयाज़ कश्मीर का वो चेहरा थे जिसने आतंक के सामने झुकने से इंकार कर दिया और देश के लिए अपने जानों की कुर्बानी दे दी।

अब उमर को सम्मान देने के लिए सेना ने शोपियां में एक स्कूल का नामकरण लेफ्टिनेंट उमर फयाज के नाम पर रखने का फैसला किया है। इस स्कूल में कश्मीर के लाड़ले के बारे में भी बच्चों को बताया जाएगा।

दक्षिण कश्मीर के शोपियां स्थित शहीद लेफ्टिनेंट उमर फयाज के घर पर सेना के अधिकारी पहुंचे और उनके परिवार वालों को ढाढ़स बंधाया। सेना ने परिवार को उमर के हत्यारे को सबक सिखाने का भी भरोसा दिलाया।

सेना ने इस इलाके की एक स्कूल का नाम लेफ्टिनेंट उमर फयाज गुडविल स्कूल रखने का फैसला किया है। शनिवार को जीओसी विक्टर फोर्स और दूसरे अधिकारी उमर फयाज के घर पहुंचे।

सेना के अधिकारी विक्टर फोर्स बी एस राजू ने कहा, ‘हम लोग यहां एक स्कूल का नाम बदल कर लेफ्टिनेंट उमर फयाज के नाम पर रखेंगे।’

बता दें कि बुधवार 10 मई को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट उमर फयाज को आतंकियों ने शोपियां से ही एक शादी समारोह से अगवा कर लिया था, और गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी।

जम्मू-कश्मीर के 2 राजपूताना रायफल्स में तैनात उमर फयाज ने अपनी नौकरी की पहली छुट्टी ली थी जो उनकी ज़िंदगी की आखिरी छुट्टी साबित हुई ।

Top Stories