दबंग विधायक की शह पर अतुल सिंह करता था ‘गुंडई’, यह है उनकी अपराधों की कुंडली

दबंग विधायक की शह पर अतुल सिंह करता था ‘गुंडई’, यह है उनकी अपराधों की कुंडली

उन्नाव। गैंगरेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन यह पहला मामला नहीं है जब विधायक के भाई अतुल सिंह का नाम क्राइम सीट पर चढ़ा है। अतुल सिंह अपने विधायक भाई के रसूख का इस्तेमाल कर पहले भी अपराध करता रहा है।

द क्विंट में छपी खबर के अनुसार अतुल सिंह सेंगर पर पीड़िता के पिता की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप है। जानकारी के मुताबिक, अतुल सिंह पीड़िता के पिता पर केस वापस लेने के लिए दवाब बना रहा था। 3 अप्रैल की शाम पीड़िता के पिता की बेरहमी से पिटाई की गई। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पीड़िता के पिता के खिलाफ ही केस दर्ज कर गंभीर हालत में ही जेल भेज दिया। जेल में ही पीड़िता के पिता की मौत हो गई।

साल 2004 में बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर पर तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक रामलाल वर्मा को गोली मारने का आरोप है। आरोप के मुताबिक, अतुल सेंगर ने थाने से कुछ ही दूरी पर बालूघाट रोड के पास एएसपी रामलाल वर्मा को गोली मार दी थी, जिसमें एएसपी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में गंगाघाट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।

इसके अलावा कानपुर में सांड़ों पर गोली चलाने के दौरान हरबंश मोहाल निवासी पत्रकार विपिन गुप्ता के पिता को गोली लगने के मामले में अतुल सेंगर आरोपी है। घंटाघर कानपुर में एक मकान पर कब्जे को लेकर विवाद के बाद अतुल सेंगर को पूरे दिन थाने में रहना पड़ा, बाद में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के बड़े नेताओं के दबाव में मामला निपटा।

1 जुलाई 2013 को अतुल सेंगर ने घंटाघर चौराहे पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैलाई थी, इस मामले में कलेक्टरगंज थाने के तत्कालीन एसओ आलोक राय ने रिवॉल्वर, रायफल बरामद कर उसे गिरफ्तार किया था। उन्नाव के माखी थाने में भी अतुल सेंगर के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के दो मुकदमे दर्ज हैं।

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