अमेरिका: CAA के खिलाफ़ भारी विरोध प्रदर्शन!

अमेरिका: CAA के खिलाफ़ भारी विरोध प्रदर्शन!

सोमवार को अमेरिका के मिनेसोटा राज्य कैपिटल में एक विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के लिए कई नागरिक अधिकार संगठनों से जुड़े गठबंधन सहयोगियों के साथ सभी धर्मों से संबंधित भारतीय अमेरिकी एकत्र हुए थे। विभिन्न पृष्ठभूमि के वक्ताओं ने भेदभावपूर्ण नागरिकता कानून के बारे में अपनी चिंताओं को प्रदान किया है।

 

मिनेसोटा के मौसम में -2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ 500 से अधिक लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत मिनेसोटा राज्य कैपिटल रोटुंडा के अंदर अमेरिका और भारतीय राष्ट्रीय गीतों के गायन से हुई। विभिन्न पृष्ठभूमि के वक्ताओं ने भेदभावपूर्ण नागरिकता कानून के बारे में अपनी चिंताओं को प्रदान किया है।

 

भारतीय अमेरिकी मुस्लिम परिषद

 

इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल मिनेसोटा चैप्टर के वीपी अखिल मोहम्मद ने सीएए मुद्दे की पृष्ठभूमि और इसके नकारात्मक परिणामों के बारे में विस्तार से बात की है।

 

“हम सीएए बिल में उल्लिखित 6 समूहों को नागरिकता देने के खिलाफ नहीं हैं। हम उनका तहे दिल से स्वागत करते हैं। हम सिर्फ अन्य समूहों के बहिष्कार के खिलाफ हैं। हमारी मांग या तो अन्य समूहों को शामिल करने या सीएए को निरस्त करने और इसे ‘धर्म-तटस्थ’ बनाने की है। ‘

 

इसके अलावा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में जारी प्रदर्शन सिर्फ दिल्‍ली तक सीमित हों, ऐसा नहीं हैं। अब अमेरिका में भी कानून के खिलाफ प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया है।

 

 

 

वन इंडिया पर छपी खबर के अनुसार, अमेरिका में रविवार को प्रदर्शनकारियों में ऐसे लोग भी शामिल थे जो इस कानून का समर्थन कर रहे थे। मगर समर्थकों की संख्या काफी कम थी और इस वजह से प्रदर्शनकारी हावी रहे।

 

कानून के समर्थकों का कहना था कि सरकार की तरफ से लाए गए इस कानून की वजह से देश में बसे किसी भी भारतीय नागरिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

कानून सिर्फ पड़ोसी देशों में बसे अल्‍पसंख्‍यक समुदाय की मदद के लिए है क्‍योंकि भारत उनकी परवाह करता है। अमेरिका के कई शहरों में सीएए का विरोध करते हुए बैनर्स लेकर प्रदर्शन किया गया।

 

लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे और मांग कर रहे थे कि कानून को वापस लिया जाए। साथ ही प्रस्‍तावित नेशनल रजिस्‍टर फॉर सिटीजंस (एनआरसी) को भी खत्‍म करने की मांग की गई।

 

न्‍यूयॉर्क, शिकागो, ह्यूस्‍टन, अटलांटा और सैन फ्रांसिस्‍को, जहां पर भारतीय वाणिज्यिक दूतावास हैं वहां और वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास पर प्रदर्शन किए गए।

 

प्रदर्शनकारी ‘भारत माता की जय’ और ‘हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आपस में सब भाई-भाई’ के नारे भी लगा रहे थे। शिकागो में प्रदर्शनकारियों की संख्‍या सबसे ज्‍यादा थी।

 

इसमें इसमें भारतीय अमेरिकी मुस्लिम परिषद (आईएएमसी) इक्वालिटी लैब्स, ब्लैक लाइव्स मैटर (बीएलएम), ज्यूईश वॉयस फॉर पीस (जेवीपी) और मानव अधिकारों के लिए हिंदू (एचएफएचआर) जैसे कई संगठन प्रदर्शन में खासतौर पर शामिल हैं।

 

वहीं, कुछ जगहों पर खालिस्तान समर्थकों ने भारत विरोधी प्रदर्शन किए। आपको बता दें कि दिसंबर 2019 में आए इस कानून की वजह से देश में भी कई जगह पर सरकार के खिलाफ धरनों का दौर जारी है। लोग सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

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