Friday , April 27 2018

उत्तराखंड में अब मजहब बदलने पर होगी 5 साल जेल, विधेयक पारित

उत्तराखंड में विश्व हिंदू परिषद भाजपा सरकार के गठन से ही धर्मांतरण पर कानून बनाने के लिए दबाव बनाए हुई थी। शनिवार को विधानसभा सदन में सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता विधेयक ध्वनिमति से पारित कर दिया जिसमें धर्म परिवर्तन गैर कानूनी ढंग से कराने पर सजा का प्रावधान किया गया है।

इसके लागू होने से धर्मांतरण पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति के यदि कोई धर्मांतरण या फिर इस साजिश में शामिल रहता है तो उसे अधिकतम पांच साल जेल की सजा काटनी होगी।

सरकार ने ऐसे धर्मांतरण को शून्य भी घोषित करने का प्रावधान कर दिया है। यह कानून प्रलोभन देकर धर्म बदलवाने वालों, धर्म बदलने के लिए धमकाने वालों और धर्मांतरण कराने के लिए षड़यंत्र रचने वालों पर लागू होगा।

अब कोई व्यक्ति यदि धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो उसे इस सम्बन्ध में एक माह पहले जिलाधिकारी को शपथपत्र देना होगा। अगर पुजारी भी धर्म परिवर्तन कराएंगे तो उन्हें भी एक माह पहले जिलाधिकारी से अनुमित लेनी होगी।

जिलाधिकारी और पुलिस ऐेसे आवेदनों की जांच के बाद ही अनुमति देंगे। अनुमति नहीं लेने की स्थिति में धर्म परिवर्तन शून्य घोषित होगा और न्यूनतम तीन माह और अधिकतम पांच साल तक की जेल का प्रावधान होगा और धर्मांतरण करवाने वाली संबंधित संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जायेगा।

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