वंदे मातरम पर बोले पर उपराष्ट्रपति, कहा- मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरु को सलाम करेंगे?

वंदे मातरम पर बोले पर उपराष्ट्रपति, कहा- मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरु को सलाम करेंगे?

दिवंगत वीएचपी नेता अशोक सिंघल पर लिखी एक किताब के विमोचन पर देश के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू का अजीबो गरीब बयान आया है ।  उप राष्ट्रपति ने  कहा कि ‘वंदे मातरम’ गाने में लोगों को क्या परेशानी है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक उन्होने कहा अगर मां को नहीं तो क्या अफजल गुरु को सलाम करोगे। वंदे मातरम का मतलब होता है मातृभूमि को नमन करना। उप राष्ट्रपति ने कहा, वंदे मातरम माने मां तुझे सलाम। क्या समस्या है? अगर मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरु को सलाम करेंगे? उन्होंने कहा, जब कोई भारत माता की जय कहता है तो यह तस्वीर के किसी भगवान के बारे में नहीं होता। यह जाति, रंग, पंथ या मजहब से इतर देश में रह रहे 125 करोड़ लोगों के बारे में है।

इस कार्यक्रम में आगे बोलते हुए  उन्होंने कहा कि सिंघल ने अयोध्या में राम मंदिर का सपना साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की। वह भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हमें उनका लक्ष्य नहीं भूलना चाहिए। सिंघल के बारे में नायडू ने कहा कि वह हिंदुत्व के समर्थकों में से एक थे और जीवन के 75 साल आने वाली पीढ़ियों को फायदा पहुंचाने में त्याग दिए।

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