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VIDEO : उन्नाव और कठुआ मामले पर धुर्व राठे का यूट्यूब पर एक आग्रह

उन्नाव और कठुआ पर दो धमाकेदार मामलों में भारत में सबसे बुरी मामला है। मंत्रियों, वकील, पुलिस ने अभियुक्तों के बचाव में ऑनलाइन ट्रॉल्स का बचाव करते हुए क्या किया? धुर्व राठे ने इसे रोकने की जरूरत के लिए यूट्यूब पर एक आग्रह किया है और इसे हमें समर्थन करना चाहिए।

यू-ट्यूब ब्लॉगर ध्रुव राठी सीनियर जर्नलिस्ट गौरी लंकेश, जिनकी हत्या बेंगलुरु में की गई थी, उन्होंने भी अपने आखिरी संपादकीय में ध्रुव राठी का नाम लिया था। ध्रुुव राठी ने अपने फेसबुक पेज पर बीजेपी के झूठ का पोल खोलते हुए लिखा था है कि मैं बीजेपी के रैली फोर रिवर अभियान को सपोर्ट कर रहा था लेकिन मोदी औऱ मोदी सरकार के मंत्री के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है। अभियान से जुडने के नाम पर बीजेपी की मेंबरशिप बढाई जा रही है और लोगों के मोबाइल नंबर लिया जा रहा है।

गौरी लंकेश ने अपने संपादकीय में लिखा था कि पहले इस तरह के फेक न्यूज़ ही चलती रहती थी लेकिन अब फेक न्यूज़ के साथ साथ असली न्यूज भी आनी शुरू हो गए हैं और लोग पढ़ भी रहे हैं। उदाहरण के लिए 15 अगस्त के दिन जब लाल क़िले से प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया तो उसका एक विश्लेषण 17 अगस्त को ख़ूब वायरल हुआ। ध्रुव राठी ने उसका विश्लेषण किया था। ध्रुव राठी देखने में तो कालेज के लड़के जैसा है लेकिन वो पिछले कई महीनों से मोदी के झूठ की पोल सोशल मीडिया में खोल देता है।

ध्रुव राठी का ये वीडियो पहले हम जैसे लोगों को ही दिख रहा था, आम आदमी तक नहीं पहुंच रहा था लेकिन 17 अगस्त के वीडियो एक दिन में एक लाख से ज़्यादा लोगों तक पहुंच गया। ध्रुव राठी ने बताया कि राज्य सभा में मोदी की सरकार ने राज्य सभा में महीना भर पहले कहा कि 33 लाख नए करदाता आए हैं। उससे भी पहले वित्त मंत्री जेटली ने 91 लाख नए करदाताओं के जुड़ने की बात कही थी। अंत में आर्थिक सर्वे में कहा गया कि सिर्फ 5 लाख 40 हजार नए करदाता जुड़े हैं, तो इसमें कौन सा सच है, यही सवाल ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में उठाया है।

ध्रुव राठी ने बीजेपी के एक और फेक न्यूज का पोल खोलते हुए कहा है कि मेन स्ट्रीम मीडिया के लिए सरकार का बोला हुआ वेद वाक्य हो गया है। उसमें भी जो टीवी न्यूज चैनल हैं, वो इस काम में दस कदम आगे हैं। उदाहरण के लिए, जब रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली तो उस दिन बहुत सारे अंग्रजी टीवी चैनलों ने ख़बर चलाई कि सिर्फ एक घंटे में ट्वीटर पर राष्ट्रपति कोविंद के फोलोअर की संख्या 30 लाख हो गई है. वो चिल्लाते रहे कि 30 लाख बढ़ गया, 30लाख बढ़ गया।

उनका मकसद यह बताना था कि कितने लोग कोविंद को सपोर्ट कर रहे हैं। बहुत से टीवी चैनल आज राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की टीम की तरह हो गए हैं। संघ का ही काम करते हैं। जबकि सच ये था कि उस दिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सरकारी अकाउंट नए राष्ट्रपति के नाम हो गया। जब ये बदलाव हुआ तब राष्ट्रपति भवन के फोलोअर अब कोविंद के फोलोअर हो गए। इसमें एक बात और भी गौर करने वाली ये है कि प्रणब मुखर्जी को भी तीस लाख से भी ज्यादा लोग ट्वीटर पर फोलो करते थे।

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