Wednesday , December 13 2017

VIDEO: कश्मीर में वार्ता के नाम पर भारत सरकार कर रही है धोखा: प्रो. अपूर्वानंद

भारत और कश्मीर के बीच होने वाली वार्ता पर सियासत तेज़ हो गयी है| दिल्ली विश्विद्यालय के प्रोफ़ेसर अपूर्वानंद ने वार्ता पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहते हैं कि सरकार शायद इस मामले पर गंभीर नहीं है उनका कहना है कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय को सिर्फ एक मज़ाक के तौर पर ले रही है|

प्रोफ़ेसर का कहना है कि बेंगलुरु में नरेंद्र मोदी के संबोधन से साफ़ हो गया है कि यह बातचीत महज एक दिखावा है| गौरतलब है कि पिछले दिनों बेगलुरु में एक संबोधन के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था| पी चिदंबरम के एक बयान पर मोदी ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए की वह कश्मीर के सन्दर्भ में स्वायत्ता जैसे शब्द का प्रयोग कर रहे हैं|

आगे यह भी कहा की कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है| कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस को कश्मीर में मर रहे हमारे जवान की कोई फ़िक्र नहीं है| जिस पर चुटकी लेते हुए कश्मीर के एक नेता ने कहा कि अगर भारत की तरफ से वार्ताकार स्वायत्ता पर बात नहीं करेंगे तो क्या मौसम के बारे में बात करने आ रहे हैं|

दिल्ली विश्विद्यालय के प्रोफ़ेसर अपूर्वानंद ने मोदी के इस भाषण को फूहड़ता क्रूरता और हमलवार रुख कहते हुए कहा कि होने वाली वार्ता का निष्कर्ष अभी से साफ़ दिकने लगा है कि वह महज औपचारिकता होगी| उनका कहना है कि कश्मीर जैसे नाज़ुक मामले में स्वायत्ता शब्द के बिना बात नहीं हो सकती|

जिसपर हमें पूरी ईमानदारी से बात करनी चाहिए| लेकिन सरकार के ऐसे बयान को देखकर नहीं लगता कि वह सच में कश्मीर से किसी हल के लिए वार्ता चाहती है| इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं की यह वार्ता महज एक दिखावा है, धोखा है|

अपूर्वानंद ने कहा कि जब केंद्र की तरफ से नियुक्त किये गए नए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा ने अपने बयान में कहा था कि वह हर किसी से इस मामले में बात करेंगे| लेकिन ठीक उसके कुछ देर बाद गृह मंत्री ने एक बयान में कहा कि वार्ताकार का काम है सिर्फ केंद की बात उन तक पहुँचाना इसके अलावा और कुछ नहीं| इससे आप समझ सकते हैं कि केंद्र किस तरफ इशारा कर रही है| या उसकी मंशा क्या है इस वार्ता को लेकर|

प्रोफ़ेसर ने इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा उन्होंने कहा की कर्नाटक, गुजरात और हिमाचल में चुनाव होने वाले हैं| उनका यह बयान गुजरात मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दिया गया है| उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस ने भारत में कश्मीर के मुद्दे को दोनों पार्टियों ने सिर्फ हिन्दुओं को एकजुट करने के लिए प्रयोग किया है|

सौजन्य ‘दि वायर

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