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VIDEO: शिक्षा पॉलिसी बनाने वाले और शिक्षा का अधिकार दिलाने वाले मौलाना आजाद की कौम इतना पिछड़ा क्यों? : शहज़ाद पूनावाला

नई दिल्ली: कंग्रेस के युवा नेता शहजाद पूनावाला ने दिल्ली में आयोजित नेशनल एजुकेशन डे मौक़े पर एक प्रोग्राम में मोलाना आज़ाद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बड़ी हैरत की बात है कि जिस आदमी ने IIT IIM बनाया UGC बनाई इंस्टिट्यूट बनाये देश की शिक्षा पालिसी बनाया और जिस व्यक्ति ने सबसे पहले कहा कि शिक्षा पर हर व्यक्ति का अधिकार है बल्कि हिन्दू,दलित,मुस्लिम,पुरुष,महिला हर जाती उपजाति का शिक्षा पर समान्य अधिकार है, इस सोच को लागू किया उसकी कौम आज इतना पीछे क्यूँ है बड़े अफ़सोस की बात है.

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मकाफ फाउन्डेशन की ओर से आयोजित नेशनल एजुकेशन डे के मौक़े पर कंग्रेस के युवा नेता और मुसलमानों के हरदिल अज़ीज़ शाहज़ाद पूनावाला ने संबोधित करते हुए कहा कि मैं आपकी दिल्ली में रह रहा हूँ और दिल्ली की हवा बहुत ख़राब चल रही है जिसकी वजह से मेरे गले में खराश है. PM 2.5 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस PM को उस PM (प्रधानमंत्री) से मत जोड़ना क्यूंकि यह PM तो बहुत कम है लेकिन वह PM भी दिल्ली की हवा ख़राब करने की बहुत कोशिश कर रहे हैं कि यह जो दिल्ली की फ़िज़ा है जिसमें इत्तेहाद फैला हुआ है इसमें सांप्रदायिकता का प्रदुषण फैला दें. उन्होंने कहा कि अगर मैं उनका उदाहरण दूँ तो देश का बहुत बड़ा चेनल NDTV को बैन करना भी इसकी एक बड़ी कोशिश रही है.
उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आजाद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मौलना आज़ाद हिंदुस्तान के पहले शिक्षा मंत्री थे लेकिन राजनीति में आने से पहले वह एक पत्रकार थे जिन्होंने सिर्फ 14 साल की उम्र में लेख लिखना शुरू कर दिया था. उन्होंने कम उम्र में ही 1912 में ‘अलहिलाल’ नाम से अपना एक अख़बार निकाला जो एक उर्दू अख़बार था और अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ लिखते थे, उनकी इस अख़बार पर 1914 में अग्रेज़ी सरकार द्वारा प्रतिबंध लगा दी गई लेकिन फिर भी वे झुके नहीं और कभी उन्होंने अंग्रेजी हुकुमत का साथ नहीं दिया. उन्होंने मीडिया पर हमला बोलते हुए कहा कि कभी उन्होंने गलत अफवाहें नहीं फैलाई जैसा कि आजकल के चेनल ग़लत अफवाह फैला रहे हैं कि २००० के नोट में चिप लगे हुए हैं कभी मौलाना आज़ाद ने इस तरह की पत्रकारिता नहीं की प्रोपेगेंडा नहीं फैलाया जो सच था सच कहा उनमें वह ताक़त वह हिम्मत और वह भरोसा था कि जो काम तलवार और क़लम नहीं कर सकते हैं  वह उनका क़लम कर सकता है. उन्होंने अपनी आवाज़ को कभी दबने नहीं दिया.
शहजाद पूनावाला ने कहा कि जिस तरह से आज की हुकुमत ने इमरजेंसी जैसे हालात पैदा किये हैं आज मोलाना आज़ाद से यह सबक ले कर जाएँ की जो उनका जज़्बा था कि हुकुमत की जो गलत नीतियाँ थीं उनके खिलाफ बोलते रहे सड़कों पर आते रहे और लोगों को जागरूक करते रहे और अगर वह कुछ न कर सके तो उन्होंने क़लम का सहारा लिया तो आज हमारे पास क़लम के बदले मोबाईल फोन है इस मोबाईल फोन की ताक़त भी उस क़लम की तरह है फोटो लीजिये विडियो बनाइए फ़ेसबुक पर डालिए और पत्रकारिता द्वारा उसको उजागर कर दीजिये पर अपनी आवाज़ को दबने मत दीजिये.
पूनावाला ने आगे कहा कि अगर शिक्षा की बात करें तो मोलाना ने बहुत ही कम उम्र में अरबी,फ़ारसी,उर्दू,हिंदी,बंगाली, अग्रेज़ी और कई भाषाओँ व विषयों पर उन्होंने महारत हासिल कर ली थी. मैं आप से पूछना चाहता हूँ कि आपने अपने बच्चों को कितने भाषे सिखाए हैं एक बात जान लीजये अगर एक वक्त की रोटी न मिले कपड़े न मिले तो सह लीजये पर अपने बच्चों को शिक्षा जरूर दिजिए.

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