Wednesday , August 15 2018

श्रीलंका में इमरजेंसी के बाद मुसलमानों के खिलाफ़ दंगो में शामिल दर्जनों लोग गिरफ्तार

श्रीलंका के कैंडी में सोमवार को मुसलमान विरोधी दंगे भड़कने के बाद हालात को बेकाबू देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी लगा दी है। कैंडी, श्रीलंका का सबसे लोकप्रिय टूरिस्‍ट हिल स्‍टेशन है।

यहां पर एक व्‍यक्ति की हत्‍या और मुसलमानों के कई बिजनेस को आग लगाने के बाद अशांति के हालात पैदा हो गए थे। इस अशांति के चलते यहां पर कर्फ्यू लगाना पड़ा है।

कैंडी में पुलिस हाई अलर्ट पर है और इस बात को सुनिश्चित करने में लगी है कि यहां पर किसी भी तरह की सांप्रदायिक हिंसा न भड़कने पाए। कैंडी दुनिया भर में अपने चाय बागानों के लिए मशहूर है और साथ ही बौद्ध धर्म के अनुयायियों के बीच भी काफी लोकप्रिय है।

पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘सरकार सभी पार्टियों खासतौर से आम नागरिकों से अपील करती है कि वे थोड़ी जिम्‍मेदारी दिखाएं और शांत रहें।’ पुलिस की ओर से कहा गया है कि पिछले हफ्ते से ही कैंडी में दंगे हो रहे हैं और आगजनी का सिलसिला जारी है।

पुलिस प्रवक्‍ता रुवन गुनासेकरा ने कहा है कि कर्फ्यू इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने के मकसद से लगाया गया था। स्‍थानीय अधिकारियों के मुताबिक दो दर्जन संदिग्‍धों को दंगों और आगजनी के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है।

वहीं सीनियर ऑफिसर्स की ओर से पुलिस के बर्ताव को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। कैंडी में उस समय हालात बद से बदतर हो गए थे जब पिछले हफ्ते दंगों के दौरान घायल सिंहली समुदाय के व्‍यक्ति की मौत हो गई थी। कैंडी, श्रीलंका की पहली ऐसी जगह है जहां धार्मिक तनाव देखने को मिला है।

21 मिलियन की आबादी वाले श्रीलंका में दंगों की खबरें हैरान करने वाली हैं। कैंडी से पहले सिंहलीज में भी उस समय भीड़ ने एक मस्जिद पर हमला कर दिया था जब एक मुस्लिम शेफ पर गर्भनिरोधक बेचने का आरोप लगा था। हालांकि सरकार की ओर से इस तरह के आरोपों से इनकार कर दिया गया था।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की ओर से भी आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पिछले वर्ष नवंबर में श्रीलंका के दक्षिण में दंगे हुए थे और एक व्‍यक्ति की मौत हो गई थी। इस हिंसा में कई घरों को जला दिया गया था और कई वाहनों को आग लगा दी गई थी।

श्रीलंका में धार्मिक हिंसा खतरनाक मोड़ ले सकती है। यहां पर 10 प्रतिशत मुसलमान है और सिंहलीज की आबादी करीब 75 प्रतिशत है। जून 2014 में बौद्ध धर्मों के अनुयायियों और मुसलमानों के बीच हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।

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