विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव: कांग्रेस ने EVM में धांधली का आरोप लगाया!

विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव: कांग्रेस ने EVM में धांधली का आरोप लगाया!
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काग्रेस ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डुसू) चुनाव में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि चुनाव मतपत्रों के साथ दोबारा कराया जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि ईवीएम के साथ ‘छेड़छाड़’ के खिलाफ वह अदालत जाने के विकल्प पर भी गौर कर रही है।

प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने एक पत्रकार वार्ता में कहा, ‘ऐसा क्यों होता है कि जब ईवीएम खराब होती है तो वह केवल भाजपा और एबीवीपी की मदद करती है। वह कभी काग्रेस और एनएसयूआइ की मदद नहीं करती है।’

उन्होंने कहा, ‘मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने एक पत्र जारी कर कहा है कि चुनाव आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को कोई ईवीएम नहीं दी।

यहा तो चुनाव आयोग की कोई बात नहीं थी। हम तो सिर्फ यह कह रहे हैं कि डीयू में मशीनों से छेड़छाड़ हुई है। इस पर डीयू को जवाब देना चाहिए, लेकिन जवाब चुनाव आयोग दे रहा है।’

माकन ने दावा किया, ‘मतदान वाले दिन 12 सितंबर को ईवीएम ठीक चलती रहीं और अगले दिन इनमें खराबी आ गई। पिछली बार भी हमें संयुक्त सचिव के पद पर हरा दिया गया। एनएसयूआइ ने पारदर्शिता का आग्रह किया था, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई।’

उन्होंने कहा, ‘हमारी माग है कि डूसू चुनाव फिर से मतपत्र से कराए जाएं। आगे डूसू और अन्य सभी चुनाव भी मत पत्र से होने चाहिए। हम यह भी चाहते हैं कि मतगणना कैमरे की निगरानी में होनी चाहिए।’ माकन ने कहा, ‘हम अदालत जाने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं।

भी चाहते हैं कि मतगणना कैमरे की निगरानी में होनी चाहिए।’ माकन ने कहा, ‘हम अदालत जाने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं।’ वहीं भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा, ‘पिछले साल चुनाव से पहले भी हमने कहा था कि चुनाव में पारदर्शिता लाने के लिए वीवीपैट लगाइए और सीसीटीवी लगाइए, लेकिन हमारी नहीं सुनी गई।

पिछले साल हम तीन पद पर जीत गए थे, लेकिन घोषणा कर दी गई कि हम संयुक्त सचिव पद हार गए। हमने इसके खिलाफ पूरी कोशिश की, लेकिन हमारी नहीं सुनी गई।’

उन्होंने कहा, ‘इस बार हमने फिर से वीवीपैट और सीसीटीवी का आग्रह किया, लेकिन फिर वही हुआ। हमारे अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को हरा दिया गया।’

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