इंटरव्यू में बोले मशहुर प्लेबैक सिंगर मोहम्मद अज़ीज़, कहा- मैं 17 पारे का हाफिजें क़ुरआन भी हूँ

इंटरव्यू में बोले मशहुर प्लेबैक सिंगर मोहम्मद अज़ीज़, कहा- मैं 17 पारे का हाफिजें क़ुरआन भी हूँ
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“बॉलीवुड के मशहूर और गायकी की दुनिया में अपनी खास पहचान रखने वाले महान प्लेबैक सिंगर मोहम्मद अज़ीज़ से सियासत हिन्दी की टीम ने खास बातचीत की है. इस खास बातचीत में मोहम्मद अज़ीज़ ने इंटरव्यू के आखिर में दि सियासत डेली की जमकर तारीफ़ की है”.


90 के दशक में मुम्बई पर सिर्फ़ एक ही प्लेबैक सिंगर का राज था, उस दौर में चाहे जो भी संगीतकार हो, सभी के गानों में मोहम्मद अजीज की आवाज़ होती थी। वो मशहूर गायक बन चुके थे। उनके सामने कोई सिंगर खड़ा होने वाला नहीं था। कहा तो ये भी जाता है कि मोहम्मद अजीज महान गायक मोहम्मद रफी साहब के उत्तराधिकारी हैं।

एक से बढ़कर एक एक गीत दिए, कई पुरस्कार से सम्मानित हुए। इस महान गायक ने अपनी एक अलग पहचान कायम किया। उस दौर के सभी बेहतरीन और काबिल संगीतकारों के साथ काम किया। एक इंटरव्यू में तो एक महान संगीतकार ने यह भी कहा कि जितने भी मुश्किल गाने होते हैं, मैं उस गाने को मोहम्मद अजीज से गवाता हूं।

सियासत हिन्दी से एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान मोहम्मद अजीज ने अपनी जिन्दगी से जुड़ी कई राज खोलें, कोलकाता से लेकर मुम्बई तक का मुश्किल भरा सफर कैसे तय किया उन्होंने?, ये सारी बातें उन्होंने बताई।

कुछ बातें तो शायद पहली बार उन्होंने सियासत से बताई! इन बातों में सबसे बड़ी बात उन्होंने फिल्मी पार्टियों के बारे में बताई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- मैंनें कभी शराब को हाथ नहीं लगाया, मैं 17 पारा क़ुरआन का हाफिज़ हूं। मैं अपने कल्चर में रहना पसंद करता हूं।

वैसे तो फिल्मी दुनिया में गायकी की सफर की बहुत सारी बातें हुई। लेकिन जब मोहम्मद रफी साहब के बारे सवाल किया तोड़ भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ एक बार उनसे मिलने का मौका मिला, जब हम मुम्बई नहीं गये थे। कोलकाता में एक प्रोग्राम के दौरान मेरी मुलाकात हुई। मोहम्मद अजीज ने बताया कि उन्होंने तीन चीजों पर अमल करने को कहा था जो कि मैं पहले से करता था। मैंनें उसे बरकरार रखा।

खास बातचीत के दौरान मोहम्मद अजीज ने बताया कि, अब भी अच्छे संगीतकार और गीतकार हैं, वो अच्छा करने की कोशिश भी करते हैं, लेकिन अब जमाने की मांग बदल गयी है। उन्होंने आगे कहा कि शायद यही वजह है कि अभी के गानों में तहज़ीब नज़र नहीं आती।

आपको बताता चलूं कि मोहम्मद अजीज की खासियत एक यह भी रही है, जब वो गाते हैं तो तलफूज़ का खास ध्यान रखते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि, उनके गानों में शब्दों का हेरफेर नहीं होता है और वे बेहतरीन तरीकों से शब्दों को अपने गानों में पेश करते हैं।

मोहम्मद अजीज साहब बॉलीवुड की चमचमाती पार्टीयों से दूर रहे हैं, वे कभी किसी पार्टी को बहुत ज्यादा अहमियत नहीं देते हैं। उन्होंने खास बातचीत के दौरान बताया कि हमेशा अपनी तन्हाई को एन्जॉय करते हैं।

सबसे खास बात यह है कि वो आज भी उतने ही मशहूर हैं जितना कि पहले थे। उनको लोग आज भी पसंद करते हैं सुनना। उन्होंने ने खास बातचीत के दौरान बताया कि भारत की सभी भाषाओं में लगभ 16 हजार गाने गा चुके हैं।

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