Thursday , December 14 2017

VIDEO- अमित शाह केस की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज की मौत कहीं हत्या तो नहीं ?

अंग्रेजी पत्रिका ‘कैरावान’ के पत्रकार निरंजन टाकले ने कुछ ऐसे सबूत इकट्ठे किये हैं जिसकी वजह से सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में नागपुर पुलिस, आरएसएस और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पर शक के बादल गहरे हो जाते हैं। इस मामले की सुनवाई सीबीआई अदालत में चल रही थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि शुरू से आखिर तक इस मामले की सुनवाई एक ही जज करेगा।

भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह  सोहराबुद्दीन शेख़ मुठभेड़ केस में अभियुक्त थे, 2010 मे उनको गिरफ्तार कर लिया गया था.  बाद मे वो जमानत पर रिहा हुए थे . उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से जांच करने को कहा . मोदी के २०१४ मे PM बनने के बाद सीबीआई जज के आदेश के बावजूद अमित शाह कोर्ट मे पेश नहीं हुए .कुछ ही समय बाद जज उतपल का तबादला कर दिया गया .नये जज के तौर पर लोया ने अपना कर्यवाल सभाला और अमित शाह को आदेश दिया की 31 दिसंबर तक कोर्ट मे हाज़िर हो

 

यहां यह बताना जरूरी है कि इशरत मामले में पहले जज का तबादला नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के के एक महीने के अंदर 25 जून को कर दिया गया था। जज ने अदालत में अमित शाह के हाजिर न होने पर सख्ती भी की थी। अमित शाह के वकील ने अदालत से कहा था कि उनको मधुमेह की बीमारी है, इसलिए उनको आने में परेशानी है। मई 2014 में चुनाव जीतने के बाद अमित शाह के वकील ने अदालत को सिर्फ इतनी ही जानकारी दी कि वह दिल्ली में काफी व्यस्त हैं।

बृज गोपाल हरकिशन लोया को अक्टूबर 2014 में सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर केस मिला था। उन्होंने अमित शाह को आरोप तय होने तक निजी तौर पर अदालत में हाजिर होने से छूट दे दी थी। लेकिन उन्होंने इस बात पर अपनी नाराजगी का इजहार किया था कि अमित शाह मुंबई में मौजूद होने के बावजूद अदालत में हाजिर नहीं हुए। लोया ने 15 दिसंबर सुनवाई की तारीख तय की थी, लेकिन 1 दिसंबर को उनकी मौत हो गई या कथित तौर पर उनकी हत्या की गई।

सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में ‘कैरावन’ पत्रिका में छपी एक और सनसनीखेज रिपोर्ट में निरंजन टाकले ने बताया है कि मुंबई में सीबीआई की विशेष अदालत के जज बृजगोपाल हरकिशन लोया को बॉम्बे हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह ने सोहराबुद्दीन मामले में अमित शाह के पक्ष में फैसला देने के लिए 100 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। लोया की बहन अनुराधा बियानी ने निरंजन को बताया, “मेरे भाई को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की गई थी…खुद मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह ने ये पेशकश की थी।” लोया के पिता ने भी निरंजन को बताया कि उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि उसे पक्ष में फैसला देने के लिए पैसे और मुंबई में एक घर की पेशकश की गई है।

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