VIDEO: शीला दीक्षित को श्रध्दांजलि: शायद कांग्रेस को अब नहीं मिल पाये ऐसा नेता!

VIDEO: शीला दीक्षित को श्रध्दांजलि: शायद कांग्रेस को अब नहीं मिल पाये ऐसा नेता!

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ रविवार को कर दिया गया। दिल्ली के निगम बोध घाट पर मौजूद बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

शीला दीक्षित को अंतिम विदाई देने के लिए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता निगम बोध घाट पर मौजूद थे।

इन नेताओं के अलावा शीला के धुर विरोधी रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन और पूर्व विधायक भीष्म शर्मा भी निगम बोध घाट पर जाकर शीला दीक्षित को आखिरी विदाई दी।

इस दौरान हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर, दिल्ली के पूर्व कांग्रेस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद रहे जेपी अग्रवाल, पूर्व मेयर फरहाद सूरी भी मौजूद थे।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल औप सीएम अरविंद केजरीवाल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भी शमशान घाट पहुंचकर अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्करा के दौरान शमशान घाट पर शीला दीक्षित अमर रहे के नारे लगाए गए।

इससे पहले दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पार्थिव शरीर को कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड में रखा गया था। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी शीला को श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान सोनिया गांधी ने शीला दीक्षित के निधन पर गहरा दुख जताया। सोनिया ने शीला को अपनी बड़ी बहन और दोस्त बताते हुए कहा कि उनकी कमी पार्टी में हमेशा खलेगी। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित का इस दुनिया से चले जाना कांग्रेस के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह हमेशा हमें याद आती रहेंगी।

जानकारी के अनुसार, दोपहर बाद करीब 2.30 बजे निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान के साथ शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार किया जाएगा। दिल्ली पुलिस के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी निगम बोध घाट 2.30 बजे पहुंचेंगे।

शीला दीक्षित के अंतिम दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में नेता और उनके समर्थक जुट रहे हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया गया है। वहीं दिल्ली सरकार ने दो दिन राजकीय शोक की घोषणा की है।

शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देने के लिए कई नेता पहुंचे। पूर्व उपप्रधानमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी रविवार को शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उनके साथ कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।

उधर, पूर्व विदेश मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने भी शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दिया। इस दौरान उन्होंने शीला दीक्षित के परिजनों से भी मुलाकात की।

शीला दीक्षित के निधन का समाचार आते ही दिल्ली भाजपा ने रविवार को होने वाले अपने सभी सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा कर दी है। भाजपा नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है।

नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि शीला दीक्षित के निधन से हमें काफी दुख हुआ है। हमारे उनसे वैचारिक मतभेद भले रहे हों लेकिन दिल्ली के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन की खबर सुनते ही शनिवार को निजामुद्दीन स्थित उनके आवास पर लोगों का तांता लग गया। पीएम मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी समेत अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

जागरण डॉट कॉम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीला दीक्षित के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करते हुए सिर झुकाकर नमन किया। केजरीवाल ने कहा कि जब भी शीला दीक्षित से मुलाकात होती थी वह काफी स्नेह से बातचीत करती थीं। दिल्ली की जनता उनके योगदान को हमेशा याद रखेगी। दिल्ली सरकार ने दो दिन राजकीय शोक की घोषणा की है।

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश, शीला दीक्षित के समय प्रधान सचिव रहे आइएएस एसएस यादव, केशव चंद्रा, एनडीएमसी की सचिव रश्मी सिंह, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में सलाहकार पद पर कार्यरत सतपाल समेत कई अधिकारियों ने शीला दीक्षित के अंतिम दर्शन किए।

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