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हैदराबाद में 75 प्रतिशत से अधिक वक़्फ़ संपत्ति पर अतिक्रमण

हैदराबाद। तेलुगू राज्य औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन (टीएसआईआईसी) ने रायदुर्ग में नॉलेज सिटी के पास एक एकड़ भूमि के लिए प्रति वर्ग फुट सबसे ज्यादा मूल्य 88,000 रुपये तक पहुंचा दिया। गुरुवार की ई-नीलामी में प्रति एकड़ 42.6 करोड़ रुपये रहा। इन संपत्तियों के साथ कुल 38,529 वक्फ संस्थान हैं जिनमें से 33,929 तेलंगाना में हैं।

 

 

 

केवल दरगाह हजरत हुसैन शाह वली की वक्फ जमीन 1898 एकड़ (43 करोड़ प्रति एकड़) है जो कि लगभग 81,614 करोड़ रुपए मूल्य की है। यदि वक्फ की संपत्ति वक्फ माफियाओ के चंगुल से मुक्त हो जाती है तो मुसलमानों के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी लेकिन दुखद बात यह है कि 75 प्रतिशत से अधिक संपत्ति पर अतिक्रमण हैं।

 

 

 

वक्फ की संपत्ति की लूट के लिए मुत्त्वल्ली, मुस्लिम नेता, बिल्डर और व्यापारी जिम्मेदार हैं। पिछली तेलुगू देशम पार्टी और कांग्रेस सरकार ने कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों, राष्ट्रीय और स्थानीय संगठनों को वक्फ की भूमि दी है।

 

 

तेलुगू देशम ने सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो के लिए 30 एकड़, वीजेआईएल सलाहकार को 15 एकड़, पोलारिस सॉफ्टवेयर लिमिटेड को 7 एकड़, इंफोसिस को 50 एकड़, माइक्रोसॉफ्ट के लिए 54 एकड़, बोल्डर हिल्स से 17 एकड़, एमआर प्रॉपर्टी को 110 एकड़, उर्दू विश्वविदयालय के लिए 200 एकड़ तथा यूनिवर्सिटी और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के लिए 250 एकड़ जमीन आवंटित की थी।

 

 

जबकि वाईएसआर सरकार ने लैनको हिल्स टेक्नोलॉजी पार्क को 108 एकड़ जमीन आवंटित की। फैसले को वक्फ भूमि के रूप में पुष्टि कर दिया गया, फिर भी विवाद बरकरार है। 17 बहुराष्ट्रीय कंपनियां सर्वश्रेष्ठ वकील के साथ मुकदमा लड़ रही हैं।

 

 

 

हालाँकि वक्फ़ बोर्ड और दूसरे मुस्लिम संगठनों ने इन कंपनियों को ज़मीन देने के फ़ैसले का काफ़ी विरोध किया था लेकिन वाईएसआर सरकार ने उसे अनदेखा करते हुए यह ज़मीन उन कंपनियों के हवाले कर दी थी।

 

 

 

टीआरएस सरकार ने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि वह करोड़ों रुपये की विशाल वक्फ संपत्ति की सुरक्षा के लिए गंभीर है और यहां तक ​​कि वक्फ बोर्ड के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में मामला वापस लेने का वादा भी किया था। लेकिन सभी वादे वादे ही बने हैं।

 

 

 

वक्फ की संपत्ति मुसलमानों की है, जिनके पूर्वजों ने उनके लिए इसे छोड़ दिया था। इसलिए मुसलमानों को दबाव और अपील करनी चाहिए कि किसी भी सरकार को समुदाय के अधिकारों को हड़पने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

 

 

सभी वक्फ संपत्तियों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाना चाहिए। मुस्लिमों को वक्फ की जमीन की पूर्ण सुरक्षा के आश्वासन के लिए वक्फ बोर्ड के सदस्यों पर दबाव बनाना चाहिए।

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