वसीम रिजवी कौम का ठेकेदार नहीं, मस्जिद की जगह मंदिर कोई मुसलमान बर्दास्त नहीं करेगा- शिया वक्फ़ बोर्ड

वसीम रिजवी कौम का ठेकेदार नहीं, मस्जिद की जगह मंदिर कोई मुसलमान बर्दास्त नहीं करेगा- शिया वक्फ़ बोर्ड
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लखनऊ। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बने, इस पर किसी भी मुसलमान को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बाबरी मस्जिद की जगह पर कब्जा करके उस पर मंदिर बनाया जाए, यह कोई भी मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेगा।

बोर्ड के संस्थापक व महासचिव मौलाना सैय्यद अली हुसैन रिजवी कुम्मी ने आईपीएन को भेजे अपने बयान में कहा, “शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ढोंग कर रहे हैं। रिजवी पूरी शिया कौम को बदनाम कर रहे हैं। वह अपने आपको कानूनी गिरफ्त से बचाने के लिए आरएसएस की भाषा बोल रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि यह वसीम रिजवी का ढोंग ही है कि वह अयोध्या जाकर मंदिरों में फूल चढ़ा रहे हैं। तमाम साधु-संतों से मिलकर बातचीत का रास्ता निकालने का नाकाम प्रयास कर रहे हैं। वसीम शिया कौम के ठेकेदार नहीं हैं।

कुम्मी ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड की करोड़ों की प्रॉपर्टी खुर्दबुर्द करने वाला जो जमानत पर छूटा है, वह कौम का नेता बनना चाह रहा है। वक्फ बोर्ड का चेयरमैन सरकारी पद होता है। उस पर रहते हुए वह इस तरह की हरकतें कर रहे हैं।

उनकी हरकतों पर सरकार को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “वसीम आजम खां के बहुत चहीते थे, आज आजम खां किस बिल में घुस गए हैं? क्या वह भी मस्जिद को राम मंदिर बनाना चाहते हैं?”

कुम्मी ने कहा कि श्री श्री रविशंकर ने भी अयोध्या का दौरा किया। तमाम साधु-संतों से मिले, बाबरी मस्जिद, राम जन्मभूमि मामले को बातचीत से हल करने का प्रयास वह भी कर रहे हैं। मगर सभी ने उनके इस कोशिश को नकार दिया है, क्योंकि अब बहुत देर हो चुकी है। पहले भी ऐसी कोशिशें की जा चुकी हैं। जब बात नहीं बनी, तभी तो अदालत का रुख करना पड़ा।

उन्होंने कहा, “बात करते समय जब कोई फरीक यह तय करके बैठे कि मुझे तो यही करना है, तब बातचीत से फैसला नहीं होता। पूरी मुस्लिम कौम को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वहां से जो भी फैसला होगा वह हम सबको मान्य होगा।”

कुम्मी ने आगे कहा, “वसीम रिजवी जैसे जमीरफरोश, कौम के दलालों से कौम को होशियार रहने की जरूरत है।

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