Friday , April 20 2018

पश्चिम बंगाल: भगवा संगठनों और पुलिस की झड़प, बम से हमले में पुलिस अधिकारी को गवानी पड़ी हाथ!

कोलकाता। रामनवमी पर जुलूस को लेकर पश्चिम बंगाल में शुरू हुई हिंसा की घटनाएं अभी भी जारी हैं। राज्य के मुर्शिदाबाद और बर्द्धमान जिलों में भगवा संगठनों के सदस्यों और पुलिस के बीच काफी झड़पे देखने को मिली। इस दौरान फेंके गए एक बम के फटने से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को अपना एक हाथ गंवाना पड़ा।

पुरुलिया में रामनवमी पर जुलूस के दौरान कल दो समूहों के बीच झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने बताया कि भाजपा समर्थकों ने पश्चिम बंगाल में रविवार को कई स्थानों पर सरकारी प्रतिबंध की अनदेखी करते हुए सशस्त्र रैली निकाली।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज पुलिस को निर्देश दिया कि वह उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे जो कल राज्य में रामनवमी पर जुलूस के दौरान तलवार और अन्य हथियार लेकर चल रहे थे। उन्होंने किसी को भी नहीं बख्शने की बात कही।

बनर्जी ने समीपवर्ती पैलान में एक सभा में कहा, ‘‘कानून अपना काम करेगा। मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगी।’’ उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई करने में विफल रहती है तो उसके खिलाफ कदम उठाए जाएंगे। मुर्शिदाबाद के कंडी इलाके में आज उस वक्त संघर्ष हुआ जब रामनवमी की रैली में हिस्सा लेने वाले, कथित तौर पर तलवार और त्रिशूल से लैस लोगों ने थाना में घुसने का प्रयास किया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कम से 10 लोग घायल हुए जब रामनवमी उत्सव समिति के सदस्यों की इलाके में जुलूस के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हो गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सदर, अनीश सरकार ने बताया कि समिति में भाजपा और विहिप के कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने कंडी बस स्टैंड से राधाबल्लभ मंदिर तक सुबह तकरीबन साढ़े 11 बजे के करीब रैली आयोजित की थी।

उन्होंने बताया , ‘‘दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई क्योंकि रैली में हिस्सा ले रहे कुछ लोगों ने थाना और उसके बाहर खड़े वाहनों पर पथराव किया। पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करना पड़ा।’’ भाजपा नेता सुभाष मंडल ने हालांकि हंगामे के लिये तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हंगामा पैदा करने के लिये तृणमूल कांग्रेस के अज्ञात उपद्रवकारी रैली में शामिल हो गए। यह यहां लोगों के समक्ष हमारी छवि को बर्बाद करने का प्रयास था।’’

मंडल के आरोपों का खंडन करते हुए तृणमूल विधायक अपूरबो सरकार ने आरोप लगाया कि भाजपा और विहिप इलाके में शांति भंग करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि घटना से सत्तारूढ़ पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।

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