जब परवेज मुशर्रफ ने सौरव गांगुली से कहा, पकिस्तान में क्यों अपनी जान जोखिम में डालते हो?

जब परवेज मुशर्रफ ने सौरव गांगुली से कहा, पकिस्तान में क्यों अपनी जान जोखिम में डालते हो?

सौरव गांगुली हमेशा विवादों में घिरे रहे। उन्होंने 2008 में अपने रिटायरमेंट की घोषणा करके सबको आश्चर्यचकित कर दिया था। गांगुली अपनी पुस्तक ‘ए सेंचुरी इज़ नॉट इनफ’ को सभी के सामने पेश करने के लिए तैयार हैं। पुस्तक महीने के अंत तक आ जाएगी। गांगुली ने शुक्रवार को जॉगर्नाट के उपर प्रकाशित एक पुस्तक का प्रीव्यू साझा किया।

पुस्तक में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की एक फोन कॉल से सौरव गांगुली को सीमा पार ऐतिहासिक 2004 के दौरे के दौरान शर्मिंदा होना पड़ा। इस दौरे पर वसीम अकरम जैसे घातक कप्तान का सामना करना कम डरावना था! पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने यह खुलासा अपनी आगामी आत्मकथा ए सेंचुरी इज़ नो बॉल “में किया है।

उन्होंने लिखा है कि भारतीय क्रिकेट टीम लाहौर की स्विश पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल में रुकी थी। सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम से लगभग दम घुट रहा था। एकदिवसीय श्रृंखला में 3-2 की रोमांचक जीत के बाद भारतीय कप्तान इस सुरक्षा के ‘किले’ से बचना चाहते थे।

गांगुली कहते हैं कि पिछली आधी रात को मुझे पता चला कि मेरे दोस्त कबाब और तंदूरी व्यंजनों के लिए प्रतिष्ठित फूड स्ट्रीट पर जाने की योजना बना रहे थे। मैंने अपने सुरक्षा अधिकारी को सूचित करने की हिम्मत नहीं की थी क्योंकि मुझे पता था कि वह मुझे जाने से रोकेगा। मैंने केवल हमारे टीम मैनेजर रत्नाकर शेट्टी को बताया था।

मैं चुपचाप एक टोपी के साथ पिछले दरवाजे से निकल गया जिसमें मेरे चेहरे को आधा कवर किया गया था। मुझे पता था कि मैं नियम तोड़ रहा था। रास्ते में एक आवाज आई, अरे आप सौरव गांगुली हो ना? किसी ने उत्साह से पूछा मैंने नहीं कह दिया। उसने अपने सिर को हिलाकर कहा, ‘मैंने ऐसा सोचा था पर आप बिल्कुल सौरव जैसे दिखते हो।

हम अपना खाने को खत्म करने वाले थे, जब किसी ने मुझे आवाज दी। वहां कुछ दुरी पर पत्रकार राजदीप सरदेसाई थे। राजदीप ने मुझे देखा तो उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया, सौरव, सौरव मुझे पता था कि मैं मुसीबत में आ गया हूं। जल्द ही वहां अराजकता सी फ़ैल गई सभी लोग आ रहे थे और मैं घिर गया था।

जब मैंने बिल का भुगतान करने की कोशिश की तो बिल काउंटर पर भुगतान स्वीकार करने से मना कर दिया। जब हम होटल में वापस आ रहे थे तो एक तेज मोटरबाइक ने हमारी कार का पीछा किया। मैंने उसको बताया कि में सौरव हूं तो उसने कहा कि, ‘मैं आपका बड़ा प्रशंसक हूं। पाकिस्तान को आपके जैसे नेता की जरूरत है।

गांगुली पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल में सुरक्षित पहुंच गए लेकिन खबर मुशर्रफ के कार्यालय में पहुंच गई थी। इसीलिए उन्होंने फोन कॉल किया। गांगुली लिखते हैं कि राष्ट्रपति मुशर्रफ विनम्र थे। उन्होंने कहा, ‘अगली बार आप बाहर जाना चाहते हैं, कृपया सुरक्षा बलों को सूचित करें लेकिन अपनी जान जोखिम में नहीं डालें।

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