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केंद्रीय सूचना आयोग ने गृह मंत्रालय से निजाम को मान्यता देने वाले 50 वर्ष पुराने दस्तावेज मांगे

केंद्रीय सूचना आयोग ने गृह मंत्रालय से 50 वर्ष पुराने दस्तावेज मांगे हैं। उसने मंत्रालय की खिंचाई करते हुए पूछा है कि नवाब मीर बरकत अली खान को ‘हैदराबाद राज्य के शासक’ के रूप में मान्यता प्रदान करने वाले सारे दस्तावेज कहां हैं? बता दें कि गृह मंत्रालय ने पहले कहा था कि उसे इस अहम फाइल के बारे में जानकारी नहीं है।

सूचना आयुक्त यशोवर्धन आजाद ने केंद्रीय गृह सचिव को भी आदेश की एक प्रति भेजी है। उन्होंने सिफारिश की है कि ऐतिहासिक महत्वों की ऐसी फाइलों को चिन्हित करने के लिए समिति का गठन किया जाना चाहिए और उन्हें राष्ट्रीय अभिलेखागार को सौंप दिया जाना चाहिए। इस मामले की जड़ें निजाम हैदराबाद के मीर उस्मान अली खान जो हैदराबादी रियासत के आखिरी शासक थे।

उन्होंने अपने पोते नवाब मीर बरकत अली खान को नामित किया था, जिन्हें मुकर्रम जहां बहादुर भी कहा जाता है, क्योंकि उनके उत्तराधिकारी ने उन्हें निजाम का नाम दिया था। मीर बरकत अली खान के पक्ष में हैदराबाद की राज्य के शासक के रूप में ‘मान्यता का प्रमाण’ 24 फरवरी, 1967 से प्रभावी है जिस तारीख को निजाम का मृत्यु हो गई थी।

उन्होंने अपने हाल के आदेश में कहा है कि दस्तावेजों को सही क्रम के अनुसार अभिलेखागार भेजा जाए। आयुक्त ने कहा है कि यह शोधकर्ताओं और शोधार्थियों के लिए असल खजाना साबित होगा क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इतिहास के पन्नों को खंगालते हैं।

उन्होंने मंत्रालय को दस्तावेज को नये सिर से खोजने और मिलने पर उसकी एक प्रति आरटीआई आवेदक सैय्यद खालिक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

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