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सऊदी अरब की इजरायली दोस्ती पर उलेमा-ए-किराम खामोश क्यों? पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब

In this Nov. 11, 2015, photo, Saudi Arabian Deputy Crown Prince Mohammed bin Salman attends a summit of Arab and Latin American leaders in Riyadh, Saudi Arabia. Saudi Arabia said Tuesday, Dec. 15, that 34 nations have agreed to form a new "Islamic military alliance" to fight terrorism with a joint operations center based in the kingdom's capital, Riyadh. Mohammed bin Salman said the new Islamic military coalition will develop mechanisms for working with other countries and international bodies to support counterterrorism efforts. (AP Photo/Hasan Jamali)

नई दिल्ली: पूर्व सांसद महोम्मद अदीब ने सऊदी अरब के इजराइल और अमेरिकी हमदर्दी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है। सऊदी अरब की आलोचना करते हुए भारतीय उलेमा ए किराम से ज़ोरदार अपील की है कि वह उसके खिलाफ आवाज़ उठायें। उन्होंने उलेमा ए किराम से सवाल किया है कि आखिर वह इसके खिलाफ आवाज़ कब उठाएंगे?

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कांस्टीट्यूशन क्लब में इंक़लाब ब्यूरो से बात करते हुए मोहम्मद अदीब ने कहा कि मैं उन सभी उलेमा ए किराम से कहना चाहता हूँ कि जो सऊदी सरकार के कसीदे पढ़ते रहते हैं और सऊदी अरब के कानून हम पर थोंपते हैं कि सऊदी अरब के जो क्राउन प्रिंस ने अमेरिका जाकर वहां इजराइल के समर्थन में जो बयान दिया है उसकी निंदा करने की जुरअत पैदा करें।

उन्होंने कहा कि अगर वह दीन की ओर आकर्षित हैं तो उन्हें सोचना चाहिए कि आप ने इजराइल को अगर पावर दे दी और वह यरूशलेम चला गया तो फिर मदीना भी नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि खुदा के लिए सऊदी सरकार के गलत कार्यों की निंदा करने की हिम्मत पैदा करें। उन्होंने कहा कि उन लोगों से बात कीजिये और बताइए कि उस देश में क्या हो रहा है।

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