हज यात्रियों के लिए आधिकारिक एयरलाइन एयरइंडिया को हटाया जाए : मुस्लिम नेता

हज यात्रियों के लिए आधिकारिक एयरलाइन एयरइंडिया को हटाया जाए : मुस्लिम नेता

हैदराबाद। तेलंगाना हज समिति के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा हज सब्सिडी ख़त्म करने का राज्य के हज यात्रियों पर अधिक प्रभाव नहीं होगा। पिछले वर्ष हैदराबाद से शुरू हुई उड़ानों में हज यात्रियों को कोई सब्सिडी नहीं दी गई थी। तेलंगाना राज्य हज समिति के विशेष अधिकारी प्रोफेसर एस ए शकूर ने कहा कि पिछले साल 65,000 लोगों को विमान किराया देने के लिए सब्सिडी मिल गई थी।

हज कमिटी के एक आधिकारिक बयान में यह बात कही गई है कि केंद्र सरकार एयर इंडिया को हज यात्रियों को भेजने के लिए अधिकृत न करे। इसके बदले अन्य वैश्विक विमानन सेवाओं से मदद लेनी चाहिए क्योंकि एयर इंडिया की फ्लाइट मंहगी पड़ती है।
 

उन्होंने कहा कि साल 2016 में यहां से जाने वाले हज यात्रियों को प्रत्येक को 6,000 रुपये की सब्सिडी मिली।साल 2012 से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार सब्सिडी कम कर रही है लेकिन इससे काफी हद तक हज यात्री प्रभावित नहीं होंगे। इस साल लगभग 4,000 हज यात्री तेलंगाना से जा रहे हैं।

अखिल भारतीय सुन्नी उलेमा बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयवे द शाह हमीद हुसैन ने कहा कि मुसलमान आर्थिक रूप से मजबूत हैं और हज यात्रा को वहन कर सकते हैं। इसलिए यह कदम प्रभावित नहीं करेगा लेकिन साथ ही उन्होंने अन्य समुदायों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को वापस लेने की बात कही।

हज कमेटी चाहती है कि केंद्र सरकार हज यात्रियों के लिए एयर इंडिया को आधिकारिक वाहक बनाने को रोके क्योंकि इससे ज्यादा खर्च होता है। जमात-ए-इस्लामी चाहती है कि इसके लिए सरकार वैश्विक निविदाएं आमंत्रित करे। हर साल लगभग तीन लाख लोग हज यात्रा पर जाते हैं।

जमात-ए-इस्लामी- तेलंगाना और ओडिशा के अध्यक्ष हमीद मोहम्मद खान ने कहा कि जहां निजी टूर ऑपरेटरों को 48,000 रुपये किराया है, वहीं सरकार ने एयर इंडिया को 62,000 रुपये के लिए नामांकित किया है। तहरीक मुस्लिम शाबान के अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक मलिक ने कहा कि हज सब्सिडी खत्म होने से ज्यादा असर नहीं हो सकता है।

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