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अब इस मुस्लिम देश ने खाई फलस्तीन को आजाद कराने की कसम, खौफ़ में इजरायल!

ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ईरानी लोगों को जेरूसलम दिवस मार्च में भाग लेने के लिए बुलाया था। 8 जून को अंतरराष्ट्रीय जेरूसलम दिवस के रूप में मनाया गया।

रूहानी ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि, जेरूसलम को आज़ाद करने के लिए ईरानी लोगों और सभी मुस्लिमों के लिए पवित्र लक्ष्यों में से एक है।

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, कल एक बयान में राष्ट्रपति रूहानी ने कहा, दुनिया भर मुस्लमान फिलिस्तीनियों की हिफाज़त के लिए दुआ करें।

इस साल के जेरूसलम दिवस ख़ास विशेषताओं के साथ मनाया जाएगा। फिलीस्तीनी क्षेत्रों पर कब्जा करने की 70 वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के अलावा, हम इस वर्ष संयुक्त राज्य अमेरिका की मान्यता, सभी मुसलमानों के लिए पवित्र ज़मीन को सभी अंतर्राष्ट्रीय नियमों और कानूनों का उल्लंघन करते हुए ज़ियोनिस्ट शास के रूप में देखते है। हमारा मकसद फिलिस्तीन को ज़योनी शासन से आज़ाद कराना है।

जानकारी के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि यरूशलेम का मार्च “दमनकारी फिलिस्तीनियों, ख़ास तौर से गाजा के लोगों के साथ-साथ ज़ियोनिस्ट शासन के नेताओं द्वारा ईरानोफोबिया फैलाया जाता है।

जेरूसलम दिवस रैलियों में भाग लेने से ईरानी लोग ज़ीयोनिस्ट शासन को एक संदेश भेजा कि वह फिलिस्तीन और महान यरूशलेम की ज़मीन को कभी नहीं भूल पाएंगे।

1979 में मरहूम ईरानी नेता इमाम खोमेनी ने रमजान के आखिरी जुमे के दिन को “जेरूसलम दिवस” के रूप में चिन्हित किया था।

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