Thursday , September 20 2018

घाना में मस्जिदों और चर्चों को आदेश, नमाज और प्रार्थना के लिए व्हाट्सअप का इस्तेमाल करें

घाना में प्रशासन ने शनिवार को सभी मस्जिदों और गिरिजाघरों को आदेश दिया है कि प्रार्थना के लिए लोगों को बुलाने के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बंद करें। प्रशासन ने यह भी आदेश दिया है कि अजान के लिए सोशल नेटवर्किंग ऐप्लिकेशन वॉट्सऐप का इस्तेमाल करें। इस नियम के पीछे प्रमुख उद्देश्य शहरी इलाकों में बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण को कम करना है।

खबरों के मुताबिक, अकसर पूजा स्थलों पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग होते हैं इस वजह से ट्रैफिक भी जाम हो जाता है। घाना प्रशासन का कहना है कि ऐसी स्थिति में चर्च की घंटियां और मस्जिद से होने वाली अजान ध्वनि प्रदूषण को बढ़ाती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है।

घाना के पर्यावरण मंत्री क्वाबेना फ्रिमपॉन्ग बोटेंग ने इस कदम का यह कहकर बचाव किया है कि इमाम लोगों को वॉट्सऐप मेसेज भेजकर नमाज के समय के बारे में बता सकते हैं। बोटेंग ने कहा, ‘प्रार्थना का समय वॉट्सऐप या टेक्स्ट मेसेज के जरिए क्यों नहीं भेजा जा सकता?

इमाम सभी को वॉट्सऐप मेसेज भेज सकते हैं। मुझे लगता है कि इससे ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। यह विवादास्पद हो सकता है लेकिन यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में हम सोच सकते हैं।’

हालांकि, राजधानी अकरा में रह रहे मुस्लिम समुदाय ने वॉट्सऐप के जरिए अजान के इस आदेश को नकार दिया है। इमाम शेख उसान अहमद के मुताबिक, ‘अजान दिन में पांच बार होती है और वॉट्सऐप के जरिए मेसेज भेजना ध्वनि प्रदूषण कम कर सकता है लेकिन इसके आर्थिक परिणाम भी होंगे। इमाम को हर महीने वेतन नहीं मिलेगा। यह कदम गैरजरूरी है।’

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