दुनियां को आज सबसे ज़्यादा शांति की ज़रूरत

दुनियां को आज सबसे ज़्यादा शांति की ज़रूरत
Two persons watch the sun setting on the Old City of Jerusalem, with the Muslim mosque of the Dome of the Rock in the center, on January 23, 2017. / AFP PHOTO / THOMAS COEX

नई दिल्ली: आज दनियाँ को सबसे ज़्यादा ज़रूरत शांति की है, पूरी दुनियां में नफरत, अत्याचार और हिंसा का बाज़ार गर्म है। ऐसा महसूस होता है जैसे विश्व का बहुत बड़ा हिस्सा डर के साये में है।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

इन विचारों को व्यक्त उलेमा ए हक संगठन के अध्यक्ष मौलाना एजाज़ उर्फी कासमी ने इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित विश्व शांति सम्मलेन में किया। उन्होंने कहा कि डर एक एसी नकारात्मक हालत है जिसकी वजह से इंसानी विकास की सारे रस्ते बंद हो जाती हैं। संस्कृति और मानवता की विकास में डर एक बड़ी दीवार बन जाती है और उसी डर की वजह से देशों और समुदायों के बीच गलतफहमियां जन्म लेती हैं और फिर उन्हीं गलतफहमियों से दिमाग में युद्ध की कैफियत पैदा हो जाती है।

और दिमाग की यह युद्ध सच्ची युद्ध बनकर इंसानी बस्तियों को बर्बाद कर देती है, फिलिस्तीन के राजदूत अदनान मोहम्मद जाबिर अबुलहाय ने फिलिस्तीन की स्थिति को विस्फोटक करार देते कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के यरूशलेम को इजराइल की राजधानी स्वीकार करना सरासर न इंसाफी है। उन्होंने मस्जिदे अक्सा से मुसलमानों के जुड़े होने का बताते हुए कहा कि मुसलमान किसी भी कीमत पर इससे नहीं मानेंगे।

Top Stories