Tuesday , December 12 2017

सऊदी-सोने की दुकानों में काम करने वाले हर बाहरी को देना होगा 20 हजार सऊदी रियाल का जुर्माना!

जिद्दाह। 3 दिसंबर के बाद से विदेशों में सोने और गहने की दुकानों में काम करने वाले हर प्रवासी कार्यकर्ता को 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना देना होगा, जब 100% सऊदीकरण क्षेत्र में लागू होगा।

मंत्रालय हर बाजार में इंस्पेक्टर को देख रेख के लिए रखने और मॉल में बिना बताये इंस्पेक्शन किया जाएगा और सऊदी कानून के उल्लंघनकर्ताओं को सजा देने का आदेश भी दिए है।

स्वर्ण क्षेत्र में लगने वाले फाइन को लेकर सऊदी प्रसिद्ध समाचार पत्र ‘सऊदी गज़ट‘ लिखता है की श्रम और सामाजिक विकास मंत्रालय के प्रवक्ता खालिद आबा अल-खैल ने कहा कि अभी के लिए फील्ड इस्पेक्टर उल्लंघनकर्ताओं को नज़रअंदाज़ करेगा और 3 दिसंबर की समय सीमा के बाद से जुर्माना लगाया जाएगा।

हालांकि, सऊदी मंडलों के परिषद में कीमती धातु और पत्थर समिति के सदस्यों ने क्षेत्र में सऊदीकरण की सफलता पर अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की है।

सऊदीज के नाम पर प्रवासियों द्वारा चलाए जा रहे गहने की दुकानों की चर्चा करते हुए समिति के एक सदस्य अब्दुल मोहसिन अल-नमिर ने कहा, “हमें सऊदीकरण को सफल बनाने के लिए तसैटुर या कवर-अप कारोबार से लड़ने की जरूरत है।”

राज्य में 6,000 से अधिक सोने और गहने की दुकानें हैं जो प्रवासी सहित 25,000 श्रमिकों को रोजगार प्रदान करते हैं। उनमें से कुछ के मालिक विदेशी निवेशक है।

अल-नमिर ने अल-मदीना अरबी अखबार को बताया “सऊदीकरण की सफलता भ्रष्टाचार से लड़ने की सफलता पर निर्भर करती है सोने और गहने की दुकानों और शोरूम के कई मालिक विदेशी हैं।”

वहीँ उन्होंने कहा कि “कई दुकानें सऊदी के नाम पर हैं लेकिन असल में वह दुकाने प्रवासियों द्वारा चलाई जा रही है,कुछ विदेशियों ने साउदी के साथ भागीदारी कारोबार में प्रवेश किया है।

अल-नमिर ने भी निवेशकों के रूप में तस्सतुर कारोबार (कवर अप) में शामिल सउदियों को थक करने की संभावना के बारे में बताया।

उन्होंने मंत्रालय से कहा कि सऊदीकरण की विफलता के कारणों का अध्ययन करने और पिछले 16 सालों से इस क्षेत्र के 100 प्रतिशत सऊदीकरण को रोकने के कारणों से निपटने के लिए दुकानों को उचित समय दिया जाएगा।

उन्होंने अल-मदीना अखबार को बताया कि “वर्तमान में इस क्षेत्र में सऊदीकारण दर 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। और कहा “इस क्षेत्र में सऊदी कर्मचारियों की संख्या में गिरावट वास्तव में गहरी चिंता का मामला है।

अल-मुहाना ने कहा कि इस क्षेत्र में सऊदी कर्मचारियों को उनके सामाजिक और पारिवारिक प्रतिबद्धताओं को प्रभावित करकेउन्हें लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया है उन्होंने आगे कहा, “कई सउदियों को कम वेतन प्राप्त हुआ है जिससे उन्हें सोने और गहने के शोरूम पर अपनी नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। ”

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