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साल 2017: आवाज़ें बंद, सच्चाई की खोज में पत्रकारों ने अपना जीवन खो दिया!

नई दिल्ली। साल 2017 में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया और लगभग पूरे साल यह मामला सुर्खियों में छाया रहा। इस मामले ने भारत में पत्रकारों की सुरक्षा को एक बड़े मुद्दे के रूप में रेखांकित किया।

मुद्दे की गंभीरता को इसी बात से समझा जा सकता है कि साल 2017 में मीडियाकर्मियों पर हमलों की विभिन्न घटनाओं में नौ पत्रकार जान गवां बैठे।

श्याम शर्मा– इस साल किसी पत्रकार की हत्या की पहली घटना 15 मई को तब हुई जब इंदौर में स्थानीय अखबार ‘अग्निबाण’ के 45 वर्षीय पत्रकार श्याम शर्मा की हत्या कर दी गई। मोटरसाइिकल सवार दो हमलावरों ने उनकी कार को रुकवाकर उनका गला रेत दिया। इसके 15 दिन बाद 31 मई को हिन्दी दैनिक ‘नई दुनिया’ के पत्रकार कमलेश जैन की मध्य प्रदेश के पिपलिया मंडी क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

गौरी लंकेश– पांच सितंबर को बेंगलूरू में 55 वर्षीय पत्रकार गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह कन्नड़ भाषा के साप्ताहिक पत्र ‘लंकेश पत्रिका’ की संपादक थीं। हमलावरों ने उनके घर के पास उन्हें कई गोलियां मारीं।

शांतनु भौमिक– अभी इस घटना को 15 दिन ही हुए थे कि एक और पत्रकार की हत्या हो गई। 20 सितंबर को त्रिपुरा में स्थानीय टेलीविजन पत्रकार शांतनु भौमिक की तब हत्या कर दी गई जब वह इंडीजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) तथा त्रिपुरा राजाएर उपजाति गणमुक्ति परिषद (टीआरयूजीपी) के बीच संघर्ष की कवरेज कर रहे थे।

केजे सिंह– भौमिक की हत्या के महज तीन दिन बाद 23 सितंबर को पंजाब के मोहाली में 64 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार केजे सिंह और उनकी 94 वर्षीय मां की हत्या कर दी गई। सिंह के पेट में चाकू से कई वार किए गए थे और उनका गला रेत दिया गया था। उनकी मां की हत्या गला घोंटकर की गई थी।

राजेश मिश्र– 21 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में दैनिक जागरण के पत्रकार राजेश मिश्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले में उनके भाई बुरी तरह घायल हुए थे। हमलावरों ने उन पर कई गोलियां चलाई थीं।

सुदीप दत्ता भौमिक– गत 20 नवंबर को बंगाली अखबार स्यांदन पत्रिका के पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक की अगरतला से 20 किलोमीटर दूर आरके नगर में 2-त्रिपुरा राइफल्स के एक कांस्टेबल ने गोली मारकर हत्या कर दी।

नवीन गुप्ता– सुदीप दत्ता की हत्या के 10 दिन बाद 30 नवंबर को उत्तर प्रदेश में कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े पत्रकार नवीन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

राजेश श्योराण– गुजरते साल के साथ हरियाणा में भी एक पत्रकार की हत्या का मामला सामने आया। कई अखबारों के साथ अंशकालिक पत्रकार के रूप में जुड़े रहे राजेश श्योराण का क्षत-विक्षत शव 21 दिसंबर की सुबह चरखी दादरी जिले में कलियाणा रोड के किनारे पड़ा मिला।

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