Wednesday , July 18 2018

नौकरी के लिए इस्लाम कुबूल करने को तैयार हैं योगेश कुमार

जयपुर में झुंझनू जिले के नवलगढ़ ब्लॉक में रहने वाले 21 साल के योगेश कुमार का कहना है कि अगर उन्हें सही जाति प्रमाणपत्र मिले तो वह इस्लाम स्वीकार करने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि वह राणा जाति से है। हम लंबे समय से राजपूतों की तरह रहते आए हैं।

दरअसल साल 1997 में जारी नोटिस के अनुसार नगरची, राणा और बैती जाति के लोगों को ओबीसी में शामिल किया गया था। इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों शामिल हैं।

2013 में हबीब अहमद नाम के शख्स ने सरकार को बताया कि उनके पूर्वज मुगल काल में मुस्लिम हुए थे, तब सरकार ने केवल इस जाति के मुस्लिमों को ही ओबीसी में मानने का निर्णय लिया।

योगेश ने कहा कि हालाँकि हिंदुओं को एससी मानने का प्रस्ताव आया था लेकिन ऐसा अभी तक ऐसा नहीं हो पाया। 23 अप्रैल को कुमार बीएसएफ के लिए परीक्षा देने वाले हैं। उन्होंने मई में दिल्ली पुलिस का भी एग्जाम दिया था।

योगेश कहते हैं कि अब जल्द से जल्द उन्हें अपने दस्तावेज़ तैयार करने हैं। उनका पास राज्य सरकार द्वारा जारी ओबीसी सर्टिफिकेट है लेकिन इसका फायदा लेने के लिए उन्हें मुसलमान बनना होगा।

राज्य के सोशल जस्टिस विभाग ने साल 2013 में सिफारिश की थी कि इन जातियों के हिंदुओं को एससी का दर्जा दिया जाए। इस सिफारिश को अब तक लागू नहीं किया गया है।

योगेश ने कहा कि मैं इस्लाम कबूल करने को तैयार हूं लेकिन स्वतंत्र राष्ट्र में मुझे ऐसा क्यों करना पड़ रहा है?

उन्होंने कहा कि हमारे गांव में अपनी जाति के महज़ 30 लोग हैं। ऐसे में जाट और गुज्जरों की तरह बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं।

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