CAA: कोई मरने के लिए आएगा तो जिंदा कैसे बचेगा- योगी आदित्यनाथ

CAA: कोई मरने के लिए आएगा तो जिंदा कैसे बचेगा- योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई को जायज ठहराया है। बुधवार को यूपी विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान योगी ने कहा- यूपी में कोई दंगा नहीं हुआ है। अगर कोई मरने के लिए आ रहा है तोवो जिंदा कैसे बसेगा। हिंसा में पुलिस की गोली से कोई मरा नहीं है। उपद्रवी, उपद्रवियों की गोली से मरे हैं। आलोचना के बजाय यूपी पुलिस की प्रशंसा होनी चाहिए।

सीएम बीते साल दिसंबर माह में यूपी के कई जिलों में सीएए के विरोध में हुई हिंसा पर बयान दे रहे थे। योगी ने कहा- अगर कोई व्यक्ति किसी निर्दोष को मारने के लिए निकला है और वह पुलिस के सामने पड़ता है तो या तो पुलिसकर्मी मरे या फिर वह मरे। किसी एक को तो मरना होगा। मुख्यमंत्री योगी ने पाकिस्तान के पहले विधि मंत्री जोगेंद्र नाथ मंडल की नजीर दी। कहा- देश से गद्दारी करने वालों को गुमनामी मौत के सिवाए कुछ नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। कहा- जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलाकर रामनगरी की मान्यता को दूषित करने का प्रयास किया था, वे आज नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसा के उपद्रवियों पर होने वाली कार्रवाई पर हमसेजवाब मांग रहे हैं। योगी ने फिर एक बार सदन मेंदोहराया कि, रामराज्य कोई धार्मिक कार्य नहीं है। इसकी परिभाषा स्पष्ट है। लेकिन लोकतंत्र की आड़ में अगर कोई आतंक मचाएगा तो वह जिस भाषा में समझेगा, उसे उसकी भाषा में समझाएंगे।

‘संविधान को तार-तार करने वाले आज दुहाई दे रहे हैं’
इस दौरान सीएम योगी ने कहा- विधानसभा में राज्यपाल के भाषण से सत्र के शुभारंभ की परंपरा रही है। लोकतंत्र में हर एक को बोलने व विरोध करने का अधिकार व आजादी है। लेकिन संविधान के दायरे में रहकर ही यह किया जा सकता है। लेकिन जिन लोगों ने संविधान को तार-तार किया, वो आज संविधान की दुहाई देते हैं।जिन लोगों ने महिलाओं की इज्जत को तार-तार किया वो महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं। जो लोग राष्ट्रीय सुरक्षा को आघात पहुंचाना चाहते हैं उन्हें विपक्षियों की सहानुभूति मिलती है।

‘बहस करिए पर तथ्ययुक्त हो’
सीएम ने कहा- 2 अक्टूबर को जब सदन में 36 घंटे तक चर्चा हुई तब विपक्ष के नेता यहां से चले गए थे।किसी भी ठोस मुद्दे पर विपक्ष सार्थक चर्चा करने को तैयार नहीं है।छात्रवृत्ति की बात करते हैं तो हमने हम इस वर्ष 26 जनवरी को 56 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति दी। जिसमें से 28 लाख बच्चे पिछड़ी जाति के हैं। जब सपा और बसपा की आंतरिक लड़ाई चल रही थी, जब सपा की सरकार आती तो अनुसूचित जाति के बच्चे छूट जाते हैं और जब बसपा की सरकार आती तो पिछड़ी जाति के बच्चे छूट जाते हैं। सरकार किसी भी प्रदेश के किसी भी जाति के लोग के साथ अन्याय नहीं होने देगी।सपा, बसपा और कांग्रेस सबको मौका मिला। कोई यह नहीं कह सकता कि हम सत्ता में नहीं थे। लेकिन उस दौरानक्या किया? बजट के दौरान चर्चा होगी और चर्चापर बहस करिए। लेकिन किसी भी मुद्दे पर बहस तथ्यों पर आधारित होनीचाहिए।