Saturday , July 21 2018

मीडिया कवरेज रोकने और परिणाम में देर करने के आरोपी DM रौतेला को योगी सरकार ने कमिश्नर बनाया

गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव की मतगणना के दौरान मीडिया कवरेज रोकने के चलते सुर्खियों में आए डीएम राजीव रौतेला को योगी सरकार ने  शुक्रवार देर रात उन्हें देवीपाटन का कमिश्नर बना दिया  है. वहीं कासगंज तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा पर टिप्पणी करने वाले बरेली डीएम राघवेंद्र विक्रम को हटा दिया गया है.

खबर के मुताबिक डीएम  राजीव रौतेला का  विवादों से पुराना नाता रहा है। रामपुर में चाहे अवैध खनन के बावजूद स्टोन क्रेसर का लाइसेंस नवीनीकरण करने का मामला हो या फिर अलीगढ़ के एक कार्यक्रम में शहीदों के परिवार को लेकर गलत बयान की। हमेशा राजीव रौतेला खबरों में रहे। पिछले साल मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के महीने भर बाद ही राजीव रौतेला को गोरखपुर का डीएम बनाया गया था। कहा जाता है कि मुख्यमंत्री के सूबे उत्तराखंड का निवासी होने के कारण योगी आदित्यनाथ के करीबी हैं। इस नात उन्हें योगी आदित्यनाथ की पसंद पर  गोरखपुर का डीएम बनाया गया। हाल में यूपी सरकार की ओर से जब राजनीतिक विद्वेषपूर्ण मुकदमों को वापस लेने का फैसला हुआ तो डीएम राजीव रौतेला ने योगी पर 1995 में मुस्लिमों के खिलाफ विवादित भाषण देने के आरोप में दर्ज केस को हटाने की संस्तुति की थी। यह मामला भी चर्चा-ए-खास रहा था।

रखपुर में सपा प्रत्याशी की बढ़त के दौरान पोलिंग एजेंट्स और मीडियाकर्मियों को सेंटर से बाहर करने को लेकर हंगामा मचा था। मीडिया में खबरें चलने के बाद डीएम ने फिर मतगणना बढ़त की सूचना देनी शुरू की। डीएम ने सूचना में देरी के पीछे सुस्त मतगणना होने की बात कही थी।  इस मामले में समाजवादी पार्टी ने आयोग को पत्र लिखकर डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर यह मामला विधानसभा में भी उठा और सपा के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। उधर मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुस्त मतगणना और नतीजे देरी से जारी किए जाने पर चुनाव आयोग ने डीएम से जवाब-तलब किया है।

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