Sunday , April 30 2017
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भाजपा में शामिल हुए कांग्रेसी नेता गोलवलकर के हिन्दुत्व और गौरक्षा की ट्रेनिंग ले रहे हैं: रवीश कुमार

मैं शपथ लेता हूं कि कभी भी इस पवित्र पार्टी को धोखा नहीं दूंगा। पार्टी को धोखा देने का मतलब होगा भगवान को धोखा देना- केजरीवाल पोलिटिकल फिक्शन का यह सबसे शानदार समय है। लोग नाहक मोदी विरोध में अपना वक्त बर्बाद कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने अपने पार्षदों …

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क्राइम रिपोर्टिंग और मुस्लिम नौजवानों को ‘आतंकी’ साबित करने की होड़!

20 अप्रैल की सुबह एक बार फिर दिल्ली, यूपी और बिहार के क्राइम रिपोर्टरों की मानों लॉटरी निकल आई थी. वजह यूपी पुलिस के एंटी टेररिज़्म स्क्वाड समेत पांच राज्यों की पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में एक ‘टेरर मॉड्यूल’ का ख़ुलासा थी. यह ख़बर ब्रेक की थी न्यूज़ एजेंसी एएनआई …

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मोदी सरकार की गलत नीतियों की वजह से सुकमा में जवान शहीद हुए: रवीश कुमार

इराक़ युद्ध में शामिल होने का तत्कालिन प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का फ़ैसला ग़लत था। इराक़ युद्ध ग़ैर कानूनी युद्ध था। दोषपूर्ण ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर टोनी ब्लेयर ने युद्ध में शामिल होने का फैला किया और सभी विकल्पों की तलाश नहीं की गई। यह कथन उस कमेटी का है …

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भाजपा की जीत में मीडिया का रोल होता है: रवीश कुमार

जब भारतीय जनता पार्टी दिल्ली नगर निगम में जीत के परचम लहराने की ख़बरें आ रही थीं तब उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बंगाल के तीन दिनों के दौरे पर थे। बंगाल में अगले साल स्थानीय निकायों के चुनाव होने हैं। 2016 में विधानसभा चुनावों से एक साल पहले बीजेपी …

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अब दिल्ली के पत्रकार राम नवमी के जुलूस को देखकर आतंकित होने लगे हैं: रवीश कुमार

बागडोगरा हवाई अड्डे से बायीं तरफ़ का रास्ता पूर्णिया, अररिया ले जाता है। हवाई अड्डे से कोई चालीस पैंतालीस मिनट की यात्रा के बाद आता है उत्तरी दिनाजपुर की एक नगरपालिका इस्लामपुर। चारों तरफ़ फैली हरियाली के बीच आप अचानक ‘राम पताका’ लहराते हुए देखते हैं। आप कहीं भी नज़र …

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अभिसार शर्मा का ब्लॉग: ‘चीखें प्रधानमंत्री मोदी को सुनाई नहीं पड़ती’

“भारत का संतुलन बिगड़ चुका है. क्योंकी ये चीखें प्रधानमंत्री मोदी को सुनाई नही पड़ती. हां कभी कभी , दंडवत मीडिया से अक्सर ये खबरें आजाती हैं कि मोदीजी इन घटनाओं से बेहद विचलित हैं. और उसमे भी प्रधानसेवकजी इस बात का खास ख़याल रखते हैं कि आसपास कोई चुनाव …

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सिर्फ संविधान के आसरे देश को नहीं छोड़ा जा सकता है: पुण्य प्रसून बाजपेयी

नेहरु की जगह सरदार पटेल पीएम होते तो देश के हालात कुछ और होते। ये सवाल नेहरु या कांग्रेस से नाराज हर नेता या राजनीतिक दल हमेशा उठाते रहे हैं। लेकिन इस सवाल को किसी ने कभी नहीं उठाया कि अगर नेहरु की जगह अंबेडकर पीएम होते तो हालात कुछ …

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‘धर्म के मामले में खुद तो साहेब फजीहत करते हैं, लेकिन दूसरों को नसीहत देते हैं’

आज एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होगी और महत्वपूर्ण और कड़वे प्रश्न भी उठाऊँगा। प्रश्न यह है कि धर्म की व्यवस्थाओं को बदलने का अधिकार क्या मनुष्य को है ? आइये देखते हैं । यह सच है कि धर्म कभी ना कभी किसी ना किसी मनुष्य के माध्यम से ही …

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अभिसार शर्मा का ब्लॉग- मीडिया का नया बकरा “मुसलमान”

“अचानक ‘टीवी’ पर बाढ़ आ गई मुद्दों की. मानो देश मे इससे बड़ा कोई मुद्दा ही नहीं है. तीन तलाक , गौरक्षा और बीफ़ , अज़ान से उठने वाला शोर, एंटी रोमियो अभियान. अब देश मे पूरी तरह राम राज्य आ चुका है. दिल्ली मे मोदी तो लखनऊ मे योगी …

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‘मुझ पर प्राइवेट स्कूल को बदनाम करने का इल्ज़ाम लगाने वालों के नाम में मेजर-कर्नल लगा होता है’

ग़ुलाम राष्ट्रवाद (Slave Nationalism ) कोई भारीभरकम अवधारणा नहीं है। आसानी से समझ में आ सकने वाली बात है। भारत में इस वक्त व्यापक पैमाने पर ग़ुलाम राष्ट्रवाद चल रहा है। राष्ट्रवाद का इस्तमाल कर ग़रीब से लेकर मध्यम वर्ग को ग़ुलाम बनाया जा चुका है। ग़ुलाम वो भी हैं …

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अभिसार शर्मा का ब्लॉग- ‘सैनिक- सैनिक में फर्क क्यों मोदी जी’

“जनरल वीके सिंह तमाम विवादों के बावजूद न सिर्फ सांसद हैं , बल्कि मंत्री भी. बतौर मंत्री जनरल साहब ने पत्रकारों को प्रोस्टिट्यूट यानि वेश्या से प्रेरित होकर प्रेस्टिट्यूट शब्द से नवाज़ा था. आप पर तो पूरी इबारत लिखी जा सकती है “अनुशासनप्रिय” होने की.” सैनिक- सैनिक मे फर्क क्यों …

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कश्मीरी कीड़े-मकोड़े नहीं भारतीय हैं, भड़का रहा है मीडिया: राजदीप सरदेसाई

कश्मीर की वास्तविकता हमेशा से ही पेचीदा रही है: ये कोई अंग्रेजी काऊबॉय फिल्म नहीं कि जिसके पास बन्दूक हो वो अच्छा है और जिसके पास पत्थर वो बुरा। डल झील के पानियों का रंग ख़ूनी और धुंधला हुए बड़ा समय हुआ और हम ये नहीं जानते कि अँधेरे में …

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जनता कहेगी कि हम ग़रीब क्यों हैं तो सरकार कहेगी ये लो ऐप इसमें ग़रीबी दर्ज करो: रवीश कुमार

इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन अपनी विश्वसनीयता साबित करने के लिए भारत की जनता पर 3174 करोड़ का बोझ डालने जा रही हैं। इस पैसे से ईवीएम में एक और मशीन लगेगी जो वोट करने के बाद एक रसीद निकालेगी जो एक डिब्बे में गिरने से पहले बता देगी कि आपने जिसे …

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सरकार खुद बेरोज़गारी बढ़ा रही है: रवीश कुमार

मेरा हमेशा से मानना रहा है कि सरकारें बेरोज़गारों को बढ़ावा देती हैं। इसलिए किसी भी सरकार ने आज तक ऐसा सिस्टम नहीं बनाया जिससे कोई भी जान सके कि किस महीने कितने लोगों को रोज़गार मिला है। सरकारी और प्राइवेट नौकरी, स्थायी, अस्थायी और ठेके पर मिलने वाले काम …

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“मुसलमानो को ये कहना चाहिए कि हम हिन्दुत्वादी गुंडों से मरने के लिए नहीं बने हैं”

मुस्लिमों को यह कहना होगा कि वे यहां हैं और यहीं रहेंगे. उन्हें यह कहना होगा कि किसी को भी उन्हें इस देश को छोड़ कर जाने के लिए कहने का हक़ नहीं है. उन्हें यह कहना होगा कि वे यहां अपने मुस्लिमपन के साथ वैसे ही रहेंगे जैसे हिंदू …

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RSS बीमार लोगों का संगठन है जिससे पूरे देश को ख़तरा है: दिलीप मंडल

ब्राह्मणवाद और आंबेडकरवाद भारतीय चिंतन परंपरा के दो अलग ध्रुव हैं। इनमें से एक घटेगा, तो दूसरा बढ़ेगा। एक मिटेगा, तो दूसरा बचेगा। आंबेडकर की नजर में आरएसएस जिन लोगों का संगठन है, वे बीमार हैं और उनकी बीमारी बाकी लोगों के लिए खतरा है। राष्ट्र निर्माता के रूप में …

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मीडिया ख़बर की हेडलाइन्स के ज़रिए काले धन से लड़ाई लड़ रही है: रवीश कुमार

राजनीतिक पटल से आर्थिक मसले ग़ायब होते जा रहे हैं। सुधार-सुधार बड़बड़ाने वाले उद्योगपति कहीं गुम हो गए हैं। जी एस टी के बाद भी राजनीति में आर्थिक मसले कहीं नहीं हैं। सारी बहस उन मुद्दों को लेकर हो रही है जिनसे धारणा बनती है। नेता नैतिक शिक्षा दे रहे …

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अमेरिका ने बम गिराकर न्यूज़ चैनलों को कुछ काम दे दिया है: रवीश कुमार

बमों की भी माँ होती है। वो भी सारे बमों की जिसे मदर ऑफ़ ऑल बॉम । नाम तो इसका मैसिव आर्डिनेंस एयर बम है लेकिन सारे बमों की माँ कहते हैं । हिरोशिमा में जो गिरा था वो शायद बमों का बाप रहा होगा। ये माँ गिरी है। अभी …

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‘बाबा साहब का गुणगान और मूर्तिपूजा करके आप उनकी हत्या कर रहे हैं’

जयपुर में आज 13 अप्रैल 2917 को अम्बेडकर के नाम पर “भक्ति संध्या” होगी। दो केंद्रीय मंत्री इस अम्बेडकर विरोधी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। अम्बेडकर जैसा तर्कवादी और भक्तिभाव जैसी मूर्खता ! इससे ज्यादा बेहूदा क्या बात होगी ? भीलवाड़ा में बाबा साहब की जीवन भर विरोधी रही कांग्रेस …

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श्री श्री रविशंकर ने यमुना नदी का जो हाल किया है…दस साल लगेंगे ठीक होने में: रवीश कुमार

“I just have one question for those making hullaballoo over the event. Why are you not concerned about the environment at Batla House? Commonwealth Games village was also built … two wrongs can’t make one thing right but what I am saying is that there is some motive behind this …

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