Saturday , March 25 2017
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Editorial

प्रधानमंत्री के कहने का ये मतलब…वो मतलब…बेमतलब: रवीश कुमार

उत्तर प्रदेश के गोण्डा की चुनावी सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था अभी कानपुर में रेल हादसा हुआ, उसमें सैकड़ों लोग मारे गये। उसमे कुछ लोग पकड़े गये हैं। वो (हादसा) अचानक नहीं हुआ बल्कि पुलिस ने जो खोजकर निकाला, (उसके मुताबिक) एक षड्यंत्र के तहत हुआ। उन्होंने विरोधी …

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छेड़खानी की मानसिकता का इलाज अगर थाने से होता तो निर्भया कांड के बाद बने कानून से ही सब रूक जाता

आदरणीय और संस्कारी यूपी की जूलियटों, मैं जानता हूँ तुम जूलियट नहीं हो। तुम राधा हो, अनुराधा हो, पुष्पा हो, कमला हो, सुंगधा हो,चंपा हो, बेला हो, वंदना हो, पूजा हो, अर्चना हो, आरती हो,मँगला हो,संध्या हो,गरिमा हो,प्रतिमा हो। ये मत सोचना कि मैं पूजा सामग्री की सूची बना रहा …

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आदर्श सरकार और सरकार के आदर्श में काफ़ी फर्क होता है

योगीजी धीरे-धीरे। भाजपा के ड्रायविंग सीट पर अभी मोदीजी नहीं, योगी जी बैठे हैं। योगीजी की भाजपा के भावी प्रधानमंत्री के रूप में भी बात उठने लगी है। योगी भाजपा के भविष्य हैं और भविष्य के भाजपा भी। संघ इसे ही सेकेंड लाईन लीडरशीप कहता है। संघ के जानकारों को …

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भारतीय मुसलामानों से ज्यादा सहिष्णु और सब्र करने वाला कोई नहीं!

माननीय न्यायपालिका, क्या आपने भारतीय मुसलमानों सा कोई सब्र करने वाला देखा ? क्या आपने इनके जैसा कोई सहिष्णु समुदाय देखा ? क्या आपने इनसा कोई संविधान का पालन करने वाला देखा ? क्या आपने इनसा कोई न्यायालय पर विश्वास करने वाला देखा ? अगर आपका जवाब है कैसे, तो …

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‘अयोध्या में राजनीति है, अपराध है, अदालत है और व्यवसाय भी है, नहीं है तो बस धर्म’

सुप्रीम कोर्ट भी अजीब है , जब उसे फैसले दे कर विवादों को विराम देने की पहल करनी थी, तब वह अदालत से बाहर समझौते की समझाईश दे रहा है। यह वही सुप्रीम कोर्ट है जिसने इलाहबाद उच्च न्यायालय के फैसले के अमल पर रोक लगाई थी। यह जान लें …

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‘नजीब को IS से जोड़ने वाला टाइम्स ऑफ इंडिया का राजशेखर पुलिस का चापलूस है!’

राजशेखर लंबे समय से टाइम्स ऑफ इंडिया में क्राइम रिपोर्टिंग कर रहे हैं। चूंकि उसी संस्थान के हिंदी अख़बार नवभारत टाइम्स में मैं भी क्राइम रिपोर्टर रह चुका हूं तो राजेशखर झा की कारनामों को थोड़ा क़रीब से देखने और समझने का मौक़ा मिला। उनकी क्राइम रिपोर्टिंग के चंद नमूने …

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‘कल को वे देश की तमाम मस्जिदों पर कुदाल लेकर कूद पड़ें तो फिर कोर्ट कहेगा,’जाइए बाहर समझिए’

कल को वे देश की तमाम मस्जिदों पर कुदाल फावड़ा लेकर कूद पड़ेंगे। फिर कोर्ट कहेगा ,’जाइए बाहर समझ लीजिए।’ यह सेक्यूलर बनाम कम्युनल की लड़ाई नहीं न तो कमंडल बनाम मंडल की है, यह भारत के पचीस करोड़ मुसलमानों की धार्मिक पहचान का सवाल है। मुसलमानों की सुरक्षा का …

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‘राम जन्मभूमि आंदोलन की मूल वजह बाबर नहीं बल्कि महफूज़ के भाई का टेप रिकार्डर है’

अस्सी के दशक के बिलकुल शुरुआती दौर की बात है। तब राम मंदिर का मुद्दा पैदा भी नही हुआ था। लेकिन विश्व हिंदू परिषद था। उसकी एक बैठक घर के पास हो रही थी। जो बाते हो रही थी उसे सुना। बैठक “पेट्रो डालर” पर केंद्रित थी। खाड़ी के देशो …

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टीवी एंकर हमारे समय का गुंडा है, बाहुबली है: रवीश कुमार

“एक ऐसे वक्त में जब राजनीति तमाम मर्यादाओं को ध्वस्त कर रही है, सहनशीलता को कुचल रही है, अपमान का संस्कार स्थापित कर रही है, उसी वक्त में ख़ुद को सम्मानित होते देखना उस घड़ी को देखना है जो अभी भी टिक-टिक करती है। दशकों पहले दीवारों पर टिक टिक …

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रवीश कुमार का ब्लॉग: योगी आदित्यनाथ का इंटरनेटनाद !

http://www.yogiadityanath.in क्लिक करते ही गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ का इंटरनेटी संसार खुलता है। पहले पन्ने पर भक्ति की विनम्र मुद्रा की जगह आक्रामक मुद्रा में योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें स्वागत करती हैं। आम तस्वीरों में हिन्दू धर्म के अलौकिक प्रतीकों को देखेंगे तो वे बहुत ही सहज और विनम्र …

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‘एक बाहुबली हिन्दू होकर राष्ट्रवाद में खप गया और दूसरा बाहुबली मुसलमान होकर सांप्रदायिक हो गया’

यूपी में भाजपा की अभूतपूर्व जीत को चुनौती देने से पहले हार के कारणों की चुनौती स्वीकार करने का माद्दा होना चाहिए। भाजपा की जीत के विश्लेषण हो रहे हैं, विरोधियों की हार के कारणों की चुनौती का माद्दा होना चाहिए। अगर भाजपा ने सांप्रदायिक हवा के ज़ोर से जीत …

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कांग्रेस अपने बुने साम्प्रदायिक जाल में फंस गई

आज वास्तविकता यही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपना एक राजनीतिक वजूद है। आज हिंदी भाषी राज्यों में काँग्रेस नदारद है। आज काँग्रेस जीवित भी है तो गैर-हिंदी भाषी राज्यों में है। अभी हाल ही में पाँच राज्यों उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में चुनाव हुए। उत्तरप्रदेश में …

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संपादकीय: यूपी के सबसे ईमानदार विधायक आलम बदी से एक मुलाक़ात, जो बदल देता है विचार

शम्स तबरेज़, सियासत न्यूज़ ब्यूरो। लखनऊ: ये हैं विधायक आलम बदी उम्र तकरीबन 80 साल और  चौथी बार विधायक की रेस में दौड़ने को तैयारी में है। आज़मगढ़ की आवाम इनकी ईमानदारी की कसमें खाया करती है। इनके विरोधी भी इनकी तारीफ करते है। इनके आगे ईमानदारी भी एक ईमानदार …

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लखनऊ मुठभेड़ में मारे गए कथित संदिग्ध सैफुल्लाह की एक कहानी ये भी हो सकती है!

इस समय में घटनास्थल पर हूँ। कल रात से अजीबोगरीब तबाही सुनने को मिल रही थी कि आतंकी घुस आया है। सैकड़ों राइफलें लिए फिरता है। कई लोग हैं। कल से ही इन तथाकथित अफवाहों की तह तक पहुंचने के लिए हाथ-पैर मार रहा था। मैंने अपने जीवन में एजेंसियों …

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बनारस ने भी बाकी शहरों की तरह जाति और धर्म के नाम पर नेता को चुना है: रवीश कुमार

बेबी को बेस पसंद है। बनारस को रोड-शो पसंद है। मुझे नहीं पता था कि बनारस के लोग रोड-शो के लिए इतना उतावले थे। इसका मतलब है कि रोड अगर कहीं पर शो है यानी दिखाने लायक है तो वो बनारस है। एक शहर एक दिन में दो दो बार …

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क्या मदरसों की तुलना आरएसएस-संचालित स्कूलों से की जा सकती है?- राम पुनियानी

दिग्विजय सिंह जी ने 23 फरवरी, 2017 को ट्वीट किया कि ‘मदरसे और सरस्वती शिशु मंदिर, दोनों नफरत फैलाते हैं”। इसपर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आयीं हैं। कुछ मुस्लिम संगठनों ने दिग्विजय सिंह पर मदरसों का दानवीकरण करने का आरोप लगाया है तो आरआरएस से जुड़े लोग सरस्वती शिशु …

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अभिसार शर्मा का ब्लॉग- ‘ये देश का सल्फेट काल है’

“प्रधानमंत्री ने कानपुर मे हुए रेल हादसे के लिए नेपाल और पाकिस्तान की ओर इशारा कर दिया, किसी ने सोचा तक नहीं कि बात मे कितनी सत्यता है. कोई नहीं पूछ रहा है कि न तो जांच ऐजेंसी NIA और ना ही रेलवे मंत्रालय की जांच ने किसी साज़िश की …

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मोदी जी का स्टार्ट अप इंडिया तो स्टार्ट ही नहीं हो रहा है: रवीश कुमार

बिजनेस स्टैंडर्ड के नितिन सेठी और साई मनीष की ख़बर तो यही कह रही है कि स्टार्ट अप इंडिया का हाल पुराने बजाज स्कूटर जैसा है। थोड़ा टेढ़ा करके किक मारते जाने पर भी स्टार्ट नहीं हो रहा है। 2015 के साल में प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्ट अप इंडिया का …

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रवीश कुमार का ब्लॉग: प्राइम टाइम को रामजस कॉलेज में बदलना खेल नहीं था

गुरुवार सुबह नौ बजे जब हम मूलचंद फ्लाईओवर से एंड्र्यूज गंज केंद्रीय विद्यालय की तरफ उतर रहे थे, तभी कार की खिड़की से देखा कि थोड़ी दूर एक बुज़ुर्ग अपना नियंत्रण खोते हैं और स्कूटर से गिर जाते हैं। टक्कर कैसे लगी, यह तो नहीं देखा, मगर काफी तेज़ थी। …

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अभिसार शर्मा का ब्लॉग- ‘किसका आदर्श हैं कसाब?’

“इस देश मे कौन कसाब को फिर ज़िंदा कर रहा है? किसका आदर्श है कसाब? कौन है जो सबसे ज्यादा प्रेरित दिख रहा है? अगर अब भी जवाब चाहिए, तो गर्दन दफ्न रखो अपनी उदासीनता की रेत में” कोई हद है इसकी? कि आपने कांग्रेस, सपा और बसपा को एक …

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