Wednesday , August 23 2017
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ख़तरे के बावजूद भारत में ही रहना चाहते हैं रोहिंग्या मुसलमान

म्यांमार यानी बर्मा से प्रताड़ित होकर भारत में शरण लेने वाले रोहिंग्या मुसलमानों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। भारत में किसी तरह अपने अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहे रोहिंग्या मुसलमानों को वापस बर्मा भेजने की तैयारी चल रही है। लेकिन रोहिंग्या किसी हालत में लौटना नहीं …

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सरकार के फ़र्ज़ी आकड़ों से, बेरोज़गारी कब तक छुपेगी: रवीश कुमार

हाल के दिनों में बेरोज़गारी बढ़ी है। यह अच्छी ख़बर है क्योंकि इससे पता चलता है कि श्रम भागीदारी दर ( labour participation rate) बढ़ रही है। यह कहना है CMIE के महेश व्यास का। यह संस्था रोज़गार के सवाल पर नए नए आंकड़ें पेश करती रहती है और इसकी …

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बाढ़ से बदहाल बिहार के CM नीतीश से ये मांग करके रवीश कुमार ने फ़िर जीता लोगों का दिल

मेरी बिहार सरकार से मांग है कि बाढ़ में जितनी झोंपड़ियाँ नष्ट हुईं हैं, उनका पूरा पूरा दाम ग़रीबों को वापस करे। बाढ़ प्राकृतिक आपदा नहीं है। सरकार की बाँध नीति और लापरवाही से पैदा होती है। इसलिए सरकार को अधिकतम जवाबदेही उठानी चाहिए। चूड़ा चीनी और बुनिया बिल्कुल ठीक …

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मैं तो ज़ीरो टीआरपी एंकर हूं, अब तो तमाम जगह मेरा शो कई कारणों से दिखता भी नहीं: रवीश कुमार

राजनीतिक चेतना जब तमाशा बन जाती है तो लोग धरना प्रदर्शन की जगह हवन करने लगते हैं। अख़बारों को मेज़ से उठाकर फेंकते समय आम्रपाली और जेपी ग्रुप के सताये फ्लैट ख़रीदारों के प्रदर्शन की तस्वीर पर नज़र पड़ते ही कुछ असहज सा देर तक लगता रहा। जनता ने नेता …

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गिरफ़्तार भाजपा नेता हरीश वर्मा अपनी मछलियों को गाय का मांस खिलाता था: रवीश कुमार

छत्तीसगढ़ में 200 से अधिक गायों की भूख और कुपोषण से मौत पर कोई ललकार ही नहीं रहा है कि मैं क्यों चुप हूं। लाखों गायें रोज़ सड़कों पर प्लास्टिक खाकर मर रही हैं। कैंसर से भी पीड़ित हैं। उनके बारे में भी कुछ नहीं हो रहा है। जबकि गायों …

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आज के तानाशाही दौर में संसद खामोश है, लेकिन विश्वविद्यालय बोल रहे हैं: दिलीप मंडल

जब संसद खामोश है, तब विश्वविद्यालय बोल रहे हैं। भारत में इस समय असली प्रतिपक्ष कॉलेज और यूनिवर्सिटी में नजर आया। नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने और तानाशाही राज स्थापित करने के दौर में उन्हें सबसे ज्यादा विरोध का सामना विश्वविद्यालयों में झेलना पड़ा। पहली बार लखनऊ में बाबा …

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अपनी ख़ामियों को छुपाने के लिए योगी सरकार खुलकर खेल रही हिन्दू-मुस्लिम कार्ड

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का खुमार उतरा नहीं है। अभी तक राज्य के मुख्यमंत्री और दोनों उप मुख्यमंत्री विधायक भी नहीं बने हैं। लेकिन राज्य में अगले चुनाव का माहौल बन गया है। ऐसा लग रहा है कि देश का सबसे बड़ा राज्य अभी से लोकसभा चुनाव की तैयारी …

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‘करवान-ए-मोहब्बत’ नफरत के खिलाफ एक यात्रा: -हर्ष मंदर

करवान-ए-मोहब्बत, भारत में हो रहे अपराधों में वृद्धि पर हर्ष मंदर ने एक यात्रा करेंगे। जिसमे वो परिवार शामिल होंगे जिन्होंने हाल ही में लिंचिंग से अपने प्रियजनों को खो दिया है। हर्ष मंदर 1983 में असम की नरली हत्याकांड का ज़िकर करते हुए उस घटना के विषय में बताते …

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आप सिगल नहीं जानते हैं?- रवीश कुमार

देखना जब तक पूरा नहीं होता है, तब तक देखने की क़शिश बनी रहती है। उसमें कशिश थी या मेरी तलब थी,इस ख़्याल में उलझने का वक्त ही नहीं मिला। जैसे पहली बार किसी की नरम हथेली की तरह मेरे हाथ में आ गई। मैं उसे वहीं रखकर लोगों से …

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‘गोरखपुर नरसंहार पर पर्दा डालने के लिए घटिया राजनीति का हिस्सा है नमाज़-जन्माष्टमी पर योगी का बयान’

कल बड़ा गजब का बयान दिया योगी जी आपने! अभी तो गोरखपुर में बच्चों की लगातार मौत होने की खबरे आनी भी कम नही हुई है और आप फिर से अपने हिन्दू मुस्लिम एजेंडा पर तन कर खड़े हो गए। आपने कल कहा कि अगर मैं सड़क पर ईद के …

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क्या मोदी भारत को एक खतरनाक जगह ले जा रहे हैं?

इस वर्ष प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में एक बात साफ़ तौर पर महसूस की है स्वयं के लिए खुद को श्रेय देना। हमेशा की तरह, यह दावों से भरा हुआ था – “हमारे देश में हर कोई समान है”, “जिन लोगों ने देश को लूट …

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आज के दिन भी PM मोदी ने अपने फायदे के लिए बताई आधी बात: रवीश कुमार

शेल कंपनियों पर बहुत ही लंबा लेख- शेल कंपनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का स्वागत ही होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी इन कंपनियों को बहस के दायरे में लाना चाहते हैं। कई अख़बारों की रिपोर्ट पढ़ने के बाद उनका सार पेश कर रहा हूं। आप भी अपनी तरफ से कुछ जोड़ सकते …

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आजादी के 70 साल: जानिये आदिवासियों के लिए इस आज़ादी का क्या मतलब है?

आज़ादी के 70 साल: आदिवासी तो दुनिया बनने से लेकर आज़ाद ही हैं. बस्तर के इन जंगलों में तो अंग्रेेज़ भी नहीं आए. इसलिए इन आदिवासियों ने अपनी ज़िंदगी में न ग़ुलामी देखी है, न ग़ुलामी के बारे में सुना है. स्वतंत्रता दिवस आ रहा है, आइए बात करते हैं कि …

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क्या सिर्फ़ झंडा उठाने से ही देशभक्त बना जा सकता है?

देश का मतलब झंडा सेना सरकार और प्रधानमंत्री नहीं होता, देश का मतलब होता है देश का पर्यावरण, देश के जंगल, नदी पहाड़ और देश के लोग, कौन से लोग देश हैं? देश के लोगों में शामिल हैं वेश्याएं, भिखारी, झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले, दलित, आदिवासी, किसान, छात्र औरतें, इस सब को संविधान में मिली बराबरी और …

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दलितों के घर भोजन करने वाले मौत की नींद सो चुके मासूमों के घर दुख बाँटने कब जाएँगे?

गोरखपुर जो मंत्री लोग अभी जा रहे हैं सिलेंडर ख़रीदने जा रहे हैं या परिवार वालों के यहाँ सांत्वना देने? कहाँ कहाँ गए हैं ? या हर कोई कलक्टर के साथ बैठकर मीटिंग कर रहा है? खाना खाने तो सब जा रहे हैं परिवारों में, सांत्वना देने साठ घरों में …

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ऑक्सीजन कटने की वजह से हुई बच्चों की मौत पर भी राजनीति करने पर तुली है झूठी योगी सरकार

“हम वन्दे मातरम पर चर्चा कर रहे हैं और आप बेवजह गोरखपुर में मरे 60 बच्चों की बात कर रहे हैं” ( अंग्रेजी से तर्जुमा, अनुवाद) इस चैनल के एंकर ने तो साफ कर दिया उसकी प्राथमिकता क्या है। वो अब भी विपक्ष को ही कटघरे में रखेगा। वो अब …

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है हिम्मत तुममे अभिसार शर्मा? गोरखपुर के दर्दनाक हादसे पर इस तरह की सवाल करने की?

क्या तुममे हिम्मत है अभिसार शर्मा ? तुम तो राष्ट्रवादी भी नहीं, मगर तुम्हारी बिरादरी के एक फर्जी राष्ट्रवादी ने कल प्राइम टाइम टीवी पर दहाड़ते हुए कहा ,और गौर कीजिये , “ हम वन्दे मातरम के चर्चा कर रहे हैं और आप बेवजह गोरखपुर में मारे ६० बच्चों की …

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भक्त बनकर दिन रात हिन्दू-मुस्लिम करने से नोटबंदी का प्रोपेगैंडा कामयाब हुआ: रवीश कुमार

नोटबंदी श्रीदेवी की फिल्म नाकाबंदी की तरह फ्लाप हो गई है। सारे संकेत यही बता रहे हैं मगर कोई कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। रिज़र्व बैंक के पास कितने नोट लौट कर आए, अभी तक हार्डवर्क वाले बता नहीं पा रहे हैं। यह जानना इसलिए ज़रूरी है …

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भ्रष्टाचार ख़त्म होने का दावा पी आर एजेंसी करने लगी हैं: रवीश कुमार

भ्रष्टाचार कम होने या ख़त्म होने का एक ही पैमाना है। अगर ऐसा हुआ है तो सैंकड़ों की संख्या में होने वाली राजनीतिक रैलियाँ शामियाने में हो रही होंगी और नेता-महानेता, प्राइवेट जेट, हेलिकाप्टर का इस्तमाल कर ही नहीं पाएँगे। कुछ अपवाद छोड़ दें तो आज कल टीवी पर नेताओं …

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दिल्ली और श्रीनगर में भाजपा की सरकार बनने के बाद कश्मीरी पंडितों को क्या मिला?- रवीश कुमार

कश्मीर को लेकर हिन्दी मीडिया में और हिन्दी जनता में दोयम दर्जे की समझ है और बहस भी। इस बहस को समृद्ध करने के लिए जानकारी लाने के लिए भी श्रम नहीं दिखता है। सारी बहस बनी बनाईं धारणाओं पर ही चलती रहती है। 8 अगस्त 2017 के इंडियन एक्सप्रेस …

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